शिवपुरी। दहेज प्रताड़ना से जुड़े एक मामले में सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए सास, पति, देवर और देवरानी को दोषमुक्त करार दिया है। न्यायालय ने मध्यप्रदेश राज्य एवं पीड़िता द्वारा दायर दोनों आपराधिक अपीलों को निरस्त कर दिया।
जानकारी के अनुसार, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पोहरी, जिला शिवपुरी द्वारा आरसीटी क्रमांक 345/2020 में दिनांक 05 अप्रैल 2025 को पारित निर्णय में आरोपियों को धारा 498ए, 323 वैकल्पिक 323/34 भादवि एवं धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के आरोपों से दोषमुक्त किया गया था। उक्त निर्णय के खिलाफ म.प्र. राज्य द्वारा आपराधिक अपील क्रमांक 175/2025 तथा पीड़िता द्वारा आपराधिक अपील क्रमांक 120/2025 प्रस्तुत की गई थी।
दोनों अपीलें एक ही निर्णय से संबंधित होने के कारण न्यायालय ने उन्हें समेकित करते हुए एक साथ सुनवाई की। मामले में प्रत्यर्थीगण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुनेश मिश्रा के मार्गदर्शन में अधिवक्ता प्रदीप यादव ने पैरवी की।
अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत तर्कों एवं न्याय दृष्टांतों के आधार पर माननीय सत्र न्यायालय ने म.प्र. राज्य एवं पीड़िता दोनों की अपीलें निरस्त कर दीं। इसके साथ ही प्रत्यर्थीगण गुंजन शुक्ला, गौरव शुक्ला, प्रीति शुक्ला एवं सीमा शुक्ला को दोषमुक्त बनाए रखा गया।







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