शिवपुरी। जिले की करैरा तहसील के ग्राम चिरली से राजस्व व्यवस्था की गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। गांव के कई पीड़ित परिवारों ने कलेक्टर से जनसुनवाई में शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि पटवारी द्वारा फौती नामांतरण के बदले रिश्वत मांगी जा रही है, जिसके चलते वर्षों बाद भी उनके जमीन के रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो पाए हैं। वहीं दूसरी ओर, गांव में बने तालाब के जलभराव से किसानों की फसलें भी बर्बाद हो गई हैं।
ग्राम चिरली निवासी ग्यासो देवा लखनलाल लोधी ने शिकायत में बताया कि उनके पति लखनलाल लोधी की मृत्यु 20 दिसंबर 2021 को हो चुकी है। उनके नाम की कृषि भूमि (कई सर्वे नंबरों में) का फौती नामांतरण अब तक वारिसों के नाम नहीं किया गया। आरोप है कि पटवारी द्वारा पहले 10 हजार रुपए दिलवाए गए, इसके बाद भी 5 हजार रुपए की और मांग की गई। पीड़िता का कहना है कि बिना पैसे दिए नामांतरण और पीएम किसान योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा।
इसी तरह, वती देवा खच्चू विश्वकर्मा ने भी आरोप लगाया कि उनके पति की मृत्यु 8 अगस्त 2018 को हो चुकी है, लेकिन आज तक जमीन का नामांतरण नहीं हुआ। पटवारी द्वारा 2500 रुपए की मांग की जाती है और पैसे न देने पर काम नहीं किया जा रहा। इससे परिवार पीएम किसान योजना के लाभ से भी वंचित है।
गांव के ही किसान विशाल जाटव ने अलग शिकायत में बताया कि ग्राम चिरली में बने तालाब के भर जाने और उसकी निकासी (मौरी) बंद होने से पानी खेतों में भर गया। इससे उनकी पूरी फसल नष्ट हो गई और भारी आर्थिक नुकसान हुआ। किसान ने मुआवजे की मांग की है।







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