शिवपुरी। जिले के पिछोर थाना क्षेत्र में हुई बड़ी चोरी के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पीड़ित आनंद शर्मा ने कलेक्टर को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि पुलिस ने एफआईआर में चोरी की राशि को कम दर्शाया है, जबकि वास्तविक नुकसान कई गुना अधिक है। घटना को करीब 10-11 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही चोरी गए माल की बरामदगी।
जानकारी के अनुसार, 5 जून 2025 को जब पूरा परिवार शादी समारोह में शामिल होने गया हुआ था, उसी दौरान अज्ञात चोरों ने घर के ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर घर से सोना-चांदी और नकदी सहित लाखों का माल ले गए।
पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने दर्ज एफआईआर (क्रमांक 0329/2025) में चोरी की कुल राशि मात्र 4 लाख रुपये दर्शाई, जबकि वास्तविक चोरी करीब 25 से 30 लाख रुपये की हुई है। चोरी गए सामान में लगभग 18-20 तोला सोना, करीब 500 ग्राम चांदी, 85 हजार रुपये नकद और अन्य कीमती जेवरात शामिल हैं।
आनंद शर्मा ने बताया कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध हैं, जिनमें संदिग्ध गतिविधियां स्पष्ट नजर आ रही हैं। इसके बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
पीड़ित ने बताया कि चोरी गए जेवर उसकी बेटी की शादी के लिए बनवाए गए थे। अब जेवर चोरी हो जाने से उसकी शादी अटक गई है। साथ ही, उसकी पत्नी दिव्यांग है, जिससे परिवार पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
पीड़ित का कहना है कि जब वह बार-बार थाने पहुंचा, तो उसे यह कहकर भगा दिया गया कि पुलिस के पास और भी काम हैं। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।







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