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ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद, भारतीय किसान संघ ने लिया जायजा, प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही आई सामने / Shivpuri News

शिवपुरी: जिले की करैरा तहसील में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि करीब 21 गांवों में रबी फसलों को व्यापक क्षति पहुँची है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समय पर सर्वे नहीं किया गया। मुआवजे के नाम पर केवल 4 गांवों को ही सूची में शामिल किया गया, जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने जब जमीनी स्तर पर हालात का जायजा लिया तो स्थिति और भी गंभीर पाई गई। संघ के पदाधिकारी चौका, खोहा, धामना, कारोठा, बगेधरी अब्बल, मुंगावली सहित कई गांवों में पहुँचे, जहाँ किसानों की फसलें पूरी तरह से नष्ट होने की स्थिति में मिलीं।

किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि के बाद न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचा और न ही कोई जनप्रतिनिधि। किसानों का कहना है कि उन्हें जानबूझकर मुआवजे से वंचित किया जा रहा है।

भारतीय किसान संघ के अनुसार करैरा क्षेत्र के टकटकी, कड़ोरा लोधी, चिरली, नंदपुर, बगेधरी अब्बल, मछावली, मुंगावली, दावरभाट, समोहा, खोहा, चौका, टोड़ा करैरा, चिनोद, टीला, जुझाई, सिरसौना, बडोरा, खैराई, सिल्लारपुर, वनगवां, कारोठा, बगरौदा सहित अनेक गांवों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन इन गांवों का सर्वे अब तक नहीं किया गया।

मौके पर जायजा लेने वालों में बृजेश सिंह धाकड़ (जिला अध्यक्ष), बृजेश शर्मा (जिला मंत्री), योगेश वर्मा (जिला उपाध्यक्ष), काकू सरदार (जिला उपाध्यक्ष), दीपेंद्र पाल (जिला सह प्रचार-प्रसार प्रमुख), छंदीराम यादव (संयोजक, करैरा) सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

भारतीय किसान संघ ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित सभी गांवों का तत्काल सर्वे कराया जाए और किसानों को उचित मुआवजा एवं बीमा की राशि प्रदान की जाए, अन्यथा संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

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