
अहमदाबाद। देश में बेटी बचाओ अभियान के बीच गुजरात शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में जब बेटियां घर का चिराग विषय पर निबंध लिखने को कहा, तो एक हजार परिक्षार्थियों ने इस सवाल का एक जैसा जवाब दिया। बोर्ड परीक्षकों की जब इस पर नजर पड़ी, तो उन्होंने इस सामूहिक नकल का मामला मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
गुजरात सेंकडरी एंड हायर सेकंडरी एजुकेशन बोर्ड (जीएसएचएसईबी) की ओर मार्च महीने में ली गई बारहवीं की परीक्षा में 959 परीक्षार्थियों ने एक जैसा उत्तर दिया था। गुजरात शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों, के मुताबिक गिर सोमनाथ और जूनागढ़ के केंद्रों पर ज्यादा नकल की शिकायत मिली थी। इन केंद्रों पर अंग्रेजी, इकोनॉमिक्स अकाउंट सहित की परीक्षा पुस्तिका की जांच की गई, तो सभी छात्रों ने एक जैसे ही उत्तर लिखे थे।
‘बेटियां घर का चिराग’ विषय पर निबंध शुरु से अंत तक एक ही तरह से लिखा गया था। गुजरात शिक्षा बोर्ड के इतिहास में इस तरह से सामूहिक नकल का पहला मामला है। इसके बाद इन छात्रों को फेल कर दिया गया और 2020 तक इन छात्रों के रिजल्ट पर भी रोक लगा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि छात्रों से बातचीत में पता चला है कि परीक्षा केंद्रों पर शिक्षकों ने उन्हें यह उत्तर लिखवाए थे।
इस संबंध में जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इस प्रकार सामूहिक नकल की घटना सामने आने से गुजरात सरकार के नकल पर लगाम लगाने के दावे गलत साबित होते हैं।





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