
मुंबई। ठाणे की लोक अदालत ने शनिवार को एक बीमा कंपनी को सड़क हादसे में मारे गए इंजीनियर के परिजनों को 95 लाख रुपए का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। इंजीनियर की मौत साल 2015 में एक सड़क हादसे में हुई थी। मृतक का नाम दादाहरि चंदनशिव (45) था, जो कि भारतीय संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) में इंजीनियर के पद पर कार्यरत था।
जानकारी के अनुसार, इंजीनियर दादाहरि चंदनशिव 3 अप्रैल, 2015 को ओस्मानाबाद से ठाणे जिले के कलवा लौट रहे थे। उसी दौरान उनकी कार गलत साइड से आ रहे ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में मौके पर ही उनकी मौत हो गई। चंदनशिव अपने परिवार में अकेले ही कमाने वाले थे। उनकी मासिक आय 89, 231 रुपये थी, जिस पर उनकी फैमिली का खर्चा पूरा होता था
हादसे के बाद उनके परिवार ने मोटर वाहन दावा न्यायाधिकरण (MACT) में अर्जी दायर कर 1.75 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की थी। लेकिन, लोक अदालत के निर्देश के बाद परिजनों ने मुआवजे के 95 लाख रुपए स्वीकार कर लिए हैं। चंदनशिव के परिवार को प्रधान जिला सचिव एन आर बोरकर और बीमा कंपनी के अधिकारियों की उपस्थिति में मुआवजे का चेक सौंपा।
ठाणे में लोक अदालत में 14 सदस्यीय पैनल की उपस्थिति में मुआवजे का फैसला किया गया था। परिवार और बीमा कंपनी ने बातचीत के बाद अदालत ने इस राशि को तय किया। इस संबंध में वकील सुरेंद्र सोनवणे ने कहा कि, इस अहम सुनवाई के दौरान मृतक इंजीनियर की पत्नी पद्मिनी सहित पूरा परिवार मौजूद था। बीमा कंपनी ने अदालत में मुख्य जिला न्यायाधीश, एनआर बोरकर की उपस्थिति में चंदनशिव की पत्नी पद्मिनी को मुआवजे का चेक दिया।



