इंदौर, । शराब पीकर वाहन चलाने वाले करीब 900 लोगों के लाइसेंस नए साल में निलंबित किए जाएंगे। ट्रैफिक पुलिस 20 दिन से ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चला रही है। इसके अलावा साल के आखिरी दो दिन में ही 90 से अधिक चालान बनाए गए। अब परिवहन विभाग को पत्र लिखकर इनके लाइसेंस निलंबित या निरस्त करने के लिए कहा जाएगा। पिछले साल प्रदेशभर में 3212 वाहन चालकों के लाइसेंस निरस्त या निलंबित हुए हैं।एएसपी (ट्रैफिक) डॉ. प्रशांत चौबे ने बताया 20 दिन से जारी कार्रवाई में रोजाना करीब 40 वाहन चालकों के चालान बनाए गए। अभियान में नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों को भी शामिल किया गया है। 31 दिसंबर की रात को 100 से अधिक चौराहों पर चालान बनाए गए। यह सूची आरटीओ भेजी जाएगी। आरटीओ डॉ. एमपी सिंह ने बताया ट्रैफिक पुलिस से पहले भी शराबी वाहन चालकों की सूची मिलती रही है।इन्हें नोटिस जारी कर उन्हें 15 दिन में अपना पक्ष रखने का मौका देते हैं। इसके बाद उनका लाइसेंस 3 से 6 माह के लिए निलंबित करते हैं। जो वाहन चालक दूसरी बार पकड़ में आता है, उसका लाइसेंस एक साल के लिए निरस्त कर दिया जाता है। इस अवधि में वे लोग प्रदेश में कहीं से भी लाइसेंस नहीं बनवा सकते। यह अवधि पूरी होने के बाद उन्हें नए सिरे से लाइसेंस की प्रक्रिया करना होती है ।
पकड़े जाने पर ऐसे तर्क देते हैं शराबी
चेकिंग करने वाले अधिकारियों के मुताबिक शराब पीकर वाहन चलाते पकड़ाने पर पहले तो वाहन चालक मानने को ही तैयार नहीं होते हैं कि वे शराब पीए हुए हैं। बाद में ब्रीथ एनालाइजर में फूंक मारने के लिए कहते हैं तो उनके तेवर ठंडे पड़ जाते हैं। बाद में किसी प्रभावशाली व्यक्ति से बात करवाने या किसी पार्टी का हवाला देकर बचने का प्रयास करते हैं।




