के 5 सदस्यों को बेरछा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़ित ने बताया कि
आरोपी महिला ने कहा था कि वो बहुत अच्छी है, एक बार शादी हो गई तो वो लड़की
तेरा जीवन संवार देगी, लेकिन शादी के चौथे दिन मुझे समझ आया कि वह जीवन
संवारने नहीं उजाड़ने आई थी। शादी के नाम पर इन्होंने मुझसे 70 हजार रुपए
लिए गए थे।
– गिरोह को दबोचने के लिए बेरछा टीआई उदयसिंह अलावा ने ग्रामीण बनकर दलालों
से संपर्क किया। आरक्षक अनिल को बेटा बताकर उसकी शादी कराने की बात कही और
दलालों ने टीआई को देवास जिले के बिलावली स्थित मंदिर बुलाया। दुल्हन
दिखाने के लिए ही सौदेबाजी तय होना थी। तय समय पर टीआई अपनी टीम के साथ
मंदिर पहुंच गए।
नकली भाभी संध्या पिता अजय राजपूत देवास, भैया दिनेश पिता शंकरलाल राठौर
निवासी खिरकिया, पूजा पति कैलाश राजपूत निवासी छोटा नागदा जिला धार, बीचवान
पवन बाई और उसका पति भरतसिंह शामिल हैं।
गिरोह के कई मामले सामने आ सकते हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जिला
मुख्यालय स्थित एसपी ऑफिस में लुटेरी दुल्हन के कारनामों का पर्दाफाश किया
गया।
– एसपी शैलेंद्रसिंह चौहान के अनुसार क्षेत्र में नातरा प्रथा के नाम पर
दुल्हन की खरीद फरोख्त की शिकायतें सामने आई थी। इसके खुलासे के लिए विशेष
टीम बनाकर कार्रवाई की। पकड़ाए 5 आरोपियों में से 3 महिलाएं हैं। लोगों को
झांसे में लेने वाले दो षड्यंत्रकारी महेश पिता कन्हैयालाल चौधरी और
मेहरबान पिता भूरेसिंह फरार हो गए।
राजस्थान में भी दर्ज है केस
– दुल्हन का फर्जी भाई बनकर मंदिरों में शादी कराने वाले दिनेश व पूजा पर
राजस्थान के चित्तौड़ में भी अपराध दर्ज है। दिनेश के अनुसार चित्तौड़ में
शादी कराने के बदले 10 हजार रुपए के लेन-देन को लेकर प्रकरण चल रहा था।
शाजापुर में भी महेश से शादी कराने के लिए 70 हजार रुपए लेने की बात
स्वीकार करते हुए कहा लड़की देने के बदले रुपए लिए थे।
चार दिन रही फिर फरार हो गई
– पीड़ित महेश ने कुछ दिन पहले बेरछा पुलिस को शिकायत की थी कि शादी के
बदले 70000 रुपए लेकर पत्नी भाग गई है। उसने बताया कि पवनबाई और उसका पति
भरतसिंह उसके घर आए और बोले की तुम्हारी पत्नी नहीं है, मेरी नजर में एक
अव्छी लड़की है। सुंदर के साथ वह बहुत अच्छी है तुम्हारा अच्छे से ध्यान
रखेगी। इस पर वह शादी को तैयार हो गया। दो तीन दिन बाद पवनबाई और उसके पति
ने बताय कि लड़की को बुला लिया है आकर देख लो। महेश यहां अपने भाई के साथ
पहुंचा। उन्हें पूजा पसंद आ गई तो वे पवनबाई ने पूजा को महेश के साथ भेज
दिया और कहा कि एक दो दिन में शादी करवा देंगे।
शाजापुर में मिले और पहले शादी का शपथ पत्र भरा फिर यहीं के शिव मंदिर में
दोनों की शादी करवा दी। इसके बदले में पवनबाई और अन्य ने उससे 70 हजार
रुपए लिए थे। पूजा ने आते ही अपना जादू चलाया और एक दो दिन में ही सबका दिल
जीत लिया। तीन दिन तक उससे हमारी अच्छे से सेवा की और चौथे दिन जब सुबह
उठा तो वह किसी के साथ बाइक पर जाती दिखी। उसकी यह हरकत देख मैं पूरी बात
समझ गया और पुलिस में शिकायत की।





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