ग्वालियर। प्रदेश सरकार अगले साल 40 हजार शिक्षकों की
भर्ती करने जा रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री इसकी घोषणा कर चुके हैं। मंत्री
की इस घोषणा ने जीवाजी यूनिवर्सिटी ने बीएड कर रहे छात्र चिंतित हो गए
हैं। उनके दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा मई-जून में होना थी, लेकिन अब तक टाइम
टेबल ही जारी नहीं हो सका है।
छात्रों की चिंता इसलिए है क्योंकि
शिक्षकों की भर्ती में बीएड या डीएड होना अनिवार्य है। नतीजा, सत्र लेट
होने पर वे भर्ती परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो सकते हैं। बीएड
पाठ्यक्रम दो साल का हो गया है। जेयू में हालांकि बीएड सहित अन्य परीक्षाएं
लेट हो रही हैं, लेकिन वर्तमान स्थितियों में बीएड परीक्षा समय पर होना
जरूरी हो गया है। दूसरा सेमेस्टर जल्द होने पर तीसरा नवंबर-दिसंबर तथा
फाइनल सेमेस्टर मई-जून में हो सकता है। जनवरी के बाद यदि सरकार भर्ती
प्रक्रिया शुरू कर देती है तो फाइनल सेमेस्टर के छात्र भी उसमें शामिल हो
सकते हैं।
मूल्यांकन पर सवाल
बीडीएस परीक्षा
में री-ओपन(कॉपी देखना) के बाद अंक बढ़ने के मामले में हमेशा कटघरे में रहने
वाला जीवाजी यूनिवर्सिटी प्रशासन फिर चर्चा में आ गया। जेयू ने बीडीएस
दूसरे व तीसरे प्रोफ का री-ओपन का रिजल्ट घोषित किया है। इसमें 84 में से
61 छात्रों के अंक बदल गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में अंक बदलने से मूल्यांकन
पर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्र नेताओं का कहना है कि या तो मुख्य परीक्षा
की कॉपियां लापरवाही से चेक हुई हैं अथवा री-ओपन में गड़बड़ी हुई है। दोनों
ही स्थितियां संदेह पैदा करती हैं। इसलिए मामले की जांच होना चाहिए और यदि
मूल्यांकनकर्ता की लापरवाही सामने आती है तो उन्हें परीक्षा व मूल्यांकन
कार्य से ब्लैक लिस्टेट करना चाहिए। बीएचएमएस सेकण्ड प्रोफ के एक दर्जन
छात्रों ने भी कॉपियां देखी थीं, लेकिन उनमें से किसी भी छात्रों के अंकों
में बदलाव नहीं हुआ।
इनका कहना है
पेपर
सेटिंग में देरी के कारण परीक्षा लेट हुई है। जल्द ही परीक्षा का कार्यक्रम
घोषित कर दिया जाएगा। अगले सेमेस्टर की परीक्षाएं भी समय पर कराने का
प्रयास करेंगे।
प्रो. राकेश कुशवाह, परीक्षा नियंत्रक
अगले साल होना है 40 हजार शिक्षकों की भर्ती
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