
- मूंदी के सीवर टांडा मिडिल स्कूल के विद्यार्थियों को खाली पेट खाने को दे दी थी गोली
- प्रभारी प्रधान पाठक ने कहा- गोली कब और कैसे खिलाना है, नहीं बताया गया था
मूंदी. दस्तक अभियान के तहत आंगनवाड़ी व स्कूलों में बच्चों को आयरन की गोलियां खिलाई जा रही हैं। शिक्षकों को जरूरी निर्देश देने के बावजूद सीवर टांडा मिडिल स्कूल में बच्चों को खाली पेट गोली खिला दी गई। इससे 40 से अधिक बच्चे उल्टी-दस्त के शिकार हो गए। इन्हें गुरुवार शाम मूंदी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही सीएमएचओ, नायब तहसीलदार, एसडीओपी व टीआई भी अस्पताल पहुंच गए और बच्चों के हालचाल जाने।
विद्यार्थियों के अनुसार गुरुवार को प्रार्थना के बाद बच्चों को आयरन की गोलियां दी गई। बच्चों ने गोली खा ली। कुछ देर बाद पेट दर्द व घबराहट शुरू हो गई। दोपहर को घर जाने के बाद स्थिति और खराब हो गई। कुछ ही देर में उन्हें उल्टी-दस्त शुरू हो गए। बच्चों के परिजन ने मूंदी अस्पताल फोन लगाया।
एंबुलेंस से बच्चों को अस्पताल ले जाया गया। बच्चों की संख्या अधिक होने से बेड कम पड़ गए। बीएमओ सहित अन्य डॉक्टरों ने तत्काल बच्चों का इलाज शुरू कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार दस्तक अभियान के तहत प्रति मंगलवार को स्कूलों में बच्चों के यह गोली खिलाना है। शिक्षकों को गोली बांटने के दिए दी गई थी। शायद बच्चों को खाली पेट गोलियां खिला दी गई, इस कारण यह स्थिति बनी। हालांकि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।
सूचना मिलते ही कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान, नायब तहसीलदार वीरेंद्र पुराणिक, एसडीओपी घनश्याम बामनिया, टीआई शिवा निनामा भी अस्पताल पहुंच गए। बच्चों से बात कर हालचाल लिए।
जानकारी मिलते ही विधायक नारायण पटेल के बेटे दीपक पटेल भी अस्पताल पहुंचे। इस संबंध में स्कूल की प्रभारी प्रधान पाठक अनीता हलधर ने बताया एएनएम ने गोली देने के बाद कब और कैसे खिलाना है यह नहीं बताया था। अगर सही जानकारी दी जाती तो हम उसका पालन करते। नायब तहसीलदार ने सुरक्षा बतौर पीएचई इंजीनियर को हैंडपंप के पानी की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।





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