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20 राज्यों के खनिज मंत्री जुटे भोपाल में: CM बोले- कागज की कोठरी मानता था में माइनिंग को / #मध्यप्रदेश

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वे यह मानते रहे हैं कि माइनिंग विभाग काजल की कोठरी है। इसमें न जाने क्या होता होगा और कार्यक्रम में शामिल होने तक यही सोचता रहा लेकिन केंद्रीय खनन विभाग की प्लानिंग के बारे में जानकारी मिलने पर भरोसा हुआ है कि पारदर्शिता का काम तेज हुआ है। भारत सरकार का खनन एजेंसियों को जोड़ने के लिए शुचिता को बढ़ाने का काम है। इस तरह के मामलों में सरकारों को आरोप से बचाने का काम केंद्र सरकार की नीतियां कर रही हैं।

सीएम डाॅ. यादव ने ये बातें राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में माइनिंग कांफ्रेंस के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि माइनिंग सेक्टर में खनन की अलग-अलग संभावनाओं की तलाश कर केंद्रीय खनन विभाग ने एमपी समेत अन्य राज्यों को विकास के अवसर दिए हैं। उर्वर भूमि, सघन वन, रत्न, सम्पदा जहां अशेष है, स्वर-सौरभ-सुषमा से मंडित मेरा मध्यप्रदेश है।

सीएम यादव ने कहा कि ये जो हमारे मध्यप्रदेश को परमात्मा का दिया सम्पदा का वरदान है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में भारी मात्रा में लीथियम मिला है और इससे भारी डेवलपमेंट की संभावना बनी है। एमपी में भी लीथियम की तलाश के लिए एजेंसियों के माध्यम से राज्य सरकार काम करेगी।

खनिज ब्लाक की नीलामी पर पहला स्थान एमपी को

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागीय टीम के साथ कुशाभाऊ ठाकरे सभागार भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में खनिज साधन विभाग, मध्य प्रदेश द्वारा भारत में 29 खनिज ब्लॉकों की नीलामी कर प्रथम स्थान प्राप्त करने पर अवॉर्ड प्राप्त किया। संस्कार, संस्कृति, सभ्यता और संपदा की भूमि मध्यप्रदेश में देशभर के अलग-अलग सेक्टर से आए सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं।

समुद्र के भीतर की संपदा को भी खोजने का काम केंद्रीय खनन विभाग ने किया है और उसे सभी राज्यों को लाभान्वित किया है। सीएम ने कहा, खनिज संपदा के क्षेत्र में निजी क्षेत्रों को जोड़कर केंद्र सरकार ने एक नई पहल की है। इससे नई संभावनाएं बनेगी। हमारा प्रयास रहेगा की माइनिंग के क्षेत्र में हम उड़ीसा के नक्शे कदम पर चलें। ऑक्शन के नियम के लिए ही हमको पहला पुरस्कार मिला है। ये संभव केंद्र सरकार की नई नीति के तहत हुआ है।

डीएमएफ से लाइवलीहुड में एमपी ने किया अच्छा काम

केंद्रीय खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि लाइवलीहुड में एमपी ने अच्छा माडल डीएमएफ के माध्यम से खड़ा किया है। इस फंड का उपयोग करके लोगों को लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। आने वाले दिनों कोयले को लेकर बहुत काम करना होगा क्योंकि इसको लेकर अलग-अलग बातें होती हैं। एमपी में भी कोयला है। इसका सही उपयोग करेंगे। जोशी ने कहा कि 2013 – 14 में ओडिशा का राजस्व 5000 हजार करोड था और खनिज नीलामी शुरू करने के बाद यह 50 हजार करोड पहुँच गया।

कोयला इम्पोर्ट होता है यह देश के लिए पाप

जोशी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में बहुत सारी खदान हैं लेकिन वहां काम करने के लिए लोग नहीं हैं। ओपन और नॉन करप्ट पॉलिसी के कारण बहुत बदलाव हुआ है। कई राज्यो में अभी भी नीलामी नहीं हो रही है। मैं सभी मंत्रियों को आश्वस्त करता हूं कि किसी भी तरह पेंडेंसी नहीं रहेगी। आप दिल्ली आ जाइए, मैं खुद संबंधित विभागों से जुड़ी फाइलों को निराकरण कराऊँगा। ऑन द स्पाट सॉल्यूशन देने की कोशिश है। कोयला इम्पोर्ट होता है यह देश के पाप है। हमारे पास बहुत कोयला है। आज देश की जरूरत रोजगार है। भारत के बारे में कहा जाता था कि यहां की इकोनॉमी वीक है लेकिन पिछले 10 सालों में हम विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने है। 2 से 3 साल में 3 सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था भारत की होगी।

खनिज मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते सीएम मोहन यादव।

खनिज मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते सीएम मोहन यादव।

100 से ज्यादा नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे

केंद्रीय खनिज सचिव बीएल कांताराव ने कहा हमारे देश में 32 लाख स्कवायर किलोमीटर की जमीन है। इसके अलावा 20 लाख स्कवायर किलोमीटर का समुद्री क्षेत्र और इसकी नीचे की जमीन हमारी है। हम आने वाले समय में समुद्री क्षेत्र में खनन कराएंगे। समुद्र के नीचे प्रचुर मात्रा में खनिज संपदा मौजूद है। इससे राज्यों की आर्थिक फायदा होगा। बीएल कांताराव ने देश में अगले सालों में देश में शुरू होने वाली परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में अगले साल करीब 100 से ज्यादा नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे।

खनिज मंत्रियों को संबोधित करते केंद्रीय खनिज सचिव बीएल कांताराव।

खनिज मंत्रियों को संबोधित करते केंद्रीय खनिज सचिव बीएल कांताराव।

ज्यादा से ज्यादा रोजगार का सृजन हो

उत्तर प्रदेश के मंत्री राकेश सचान ने प्रदेश के खनन क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट पेश की। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश खनिज खनन क्षेत्र में अच्छा काम हो रहा है। ललितपुर के ग्रेनाइट पत्थर की देशभर में मांग हैं। इस क्षेत्र में हमारे क्षेत्र में लगातार रिसर्च हो रही है। हमारा प्रयास है कि इस क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा रोजगार का सृजन हो।

सम्मेलन को संबोधित करते यूपी के मंत्री राकेश सचान।

सम्मेलन को संबोधित करते यूपी के मंत्री राकेश सचान।

20 राज्यों के खनिज मंत्री शामिल हो रहे

राज्य खनिज मंत्रियों की कॉन्फ्रेंस में 20 राज्यों के खनिज मंत्री शामिल हो रहे हैं। केंद्रीय कोयला, खान मंत्री प्रह्लाद जोशी इसकी अध्यक्षता करेंगे जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मुख्य अतिथि होंगे। वहीं सभी राज्यों के खनन मंत्री के साथ खनन विभाग के प्रमुख सचिवों के साथ हिस्सा लेंगे। भोपाल में होने वाली इस बैठक में माइनिंग रिफार्म से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। एमपी कोयले, हीरे सहित कई खनिजों से समृद्ध प्रदेश है, बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स जैसे फॉस्फोराइट, वैनेडियम, लीथियम, ग्रेफाइट खनन पर चर्चा होगी। खनिज आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और आत्म निर्भर भारत के निर्माण में कीमती खनिजों की भूमिका पर भी विशेषज्ञ विचार विमर्श करेंगे।

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