इंदौर

इंदौर सांसद शंकर लालवानी के टिकट कटने की बात पर मंत्री विजयवर्गीय ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का कार्यक्रम था। मोदी जी ने महिलाओं को 35 पर्शेंट आरक्षण दिया है। इस पर सभी महिलाओं ने हाथ खड़े कर दिए। यह सिर्फ मजाक था। शंकर जी का टिकट नहीं कटा है, वो अभी भी उम्मीदवार हैं।
भाजपा ने अभी इंदौर लोकसभा सीट के लिए प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। इससे पहले ही कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय उड़ती खबर का हवाला देकर ये बता दिया था है कि यहां से मौजूदा सांसद शंकर लालवानी का टिकट कट गया है। उनकी जगह पार्टी किसी महिला को टिकट देगी।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- ‘मुझे उड़ते-उड़ते खबर मिली है कि शंकर जी का टिकट इसीलिए कटा है, क्योंकि महिला को देना है। ऐसी उड़ते-उड़ते खबर मिली, पता नहीं मुझे। महिला सांसद होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला को लड़ाओ। सेफ सीट से लड़ाओ।’
विजयवर्गीय बुधवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित शक्ति वंदन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। विजयवर्गीय ने वहां मौजूद महिलाओं से पूछा – अगर प्रधानमंत्री जी कहे कि लड़ना है तो कौन-कौन तैयार हैं? जब सभी ने हामी भरी तो विजयवर्गीय ने कहा- इतनी सारी महिलाएं विधानसभा और लोकसभा का चुनाव लड़ेगी तो हम क्या करेंगे।
बता दें कि भाजपा ने पहली लिस्ट में मध्यप्रदेश की 24 लोकसभा सीटों के प्रत्याशी घोषित किए हैं। इंदौर समेत पांच सीटों को होल्ड पर रखा है।

विजयवर्गीय बुधवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शक्ति वंदन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। ।
एक नेता से बोले विजयवर्गीय- कुकिंग क्लास जॉइन कर लो
महिलाओं के चुनाव लड़ने पर विजयवर्गीय ने मजाकिया अंदाज में मंच पर बैठे आईडीए पूर्व चेयरमैन जयपाल सिंह चावड़ा से पूछा- क्यों जयपाल जी, आपने तो आईडीए छोड़ दिया। आप कुकिंग क्लास जॉइन कर लो।

शक्ति वंदन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं।
पहले भी कहा था- दिल्ली से तय होगा इंदौर का टिकट
भाजपा ने इंदौर सीट से लोकसभा उम्मीदवार की घोषणा अभी नहीं की है। इसे लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने तीन दिन पहले रविवार को कहा था- इंदौर के टिकट का फैसला दिल्ली से होगा। उन्होंने खुद को दावेदार होने से इनकार किया।
दरअसल, 15 साल पहले कैलाश विजयवर्गीय ने भी इंदौर लोकसभा सीट से टिकट मांगा था। तब सांसद सुमित्रा महाजन की उम्मीदवारी का विजयवर्गीय खेमे ने खुलकर विरोध किया था, लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद उन्होंने दावेदारी नहीं की।
उम्र के मापदंड के कारण महाजन को पिछले लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला था। तब विजयवर्गीय बंगाल के प्रभारी थे, इस कारण उन्होंने इंदौर लोकसभा सीट से टिकट नहीं मांगा था। बाद में शंकर लालवानी को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया था। विजयवर्गीय अभी प्रदेश सरकार में मंत्री है, इसलिए इंदौर लोकसभा सीट से इस बार भी दावेदारी नहीं जताई।










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