
वाशिंगटन। अमेरिका दौरे पर गए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान का यह दौरा पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई मुश्किल खड़ी कर सकता है। भारत के दावों पर मुहर लगाते हुए इमरान खान ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि पाकिस्तान आतंकियों के लिए जन्नत बना हुआ है। उन्होंने मगंलवार को दिए एक बयान में साफ कहा है कि पाकिस्तान की पुरानी सरकारों ने यह सच कभी नहीं बताया कि उनकी धरती पर 40 से ज्यादा आतंकी संगठन सक्रिय थे।
इमरान खान ने अमेरिका पर हुए 9/11 हमले को लेकर अपने देश का बचाव करते हुए कहा, ‘अमेरिका पर हुए 9/11 हमले से पाकिस्तान का कोई लेना-देना नहीं था। हम आतंक के खिलाफ अमेरिकी युद्ध लड़ रहे हैं। जब वो हमला हुआ तब अल-कायदा अफगानिस्तान में था। पाकिस्तान में तालीबान के कोई आतंकी नहीं थे लेकिन हम अमेरिकी युद्ध में शामिल हुए। दुर्भाग्यवश, जब चीजें बिगड़ने लगीं, जिस चीज के लिए मैं अपनी सरकार को दोष दूंगा और वो यह है कि हमने अमेरिका को जमीनी हकीकत नहीं बताई।’
इमरान ने यह बात कांग्रेस के पाकिस्तान कॉकस की चेयरपर्सन और कांग्रेस वुमन शीला जैक्सन ली द्वारा आयोजित कैपिटल हिल रिसेप्शन के दौरान कही। शीला भारत और अमेरिकी भारतीयों पर कांग्रेस के कॉकस की सदस्य है। अपने बयान में इमरान खान ने सच ना बताने के पीछे कारण बताया कि पाकिस्तान की सरकार नियंत्रण में नहीं थी।
उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान में 40 से ज्यादा अलग-अलग आतंकी संगठन सक्रिय थे। इसलिए पाकिस्तान ऐसे दौर से भी गुजरा जहां हम जैसे लोगों को इस बात का डर था कि हम जिंदा रहेंगे भी या नहीं। इसलिए, जब अमेरिका हमसे उम्मीद कर रहा था कि हम उसकी और मदद करें और युद्ध जीत पाए, पाकिस्तान खुद अपने वर्चस्व के लिए लड़ रहा था।’
इमरान ने आगे कहा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मिलना महत्वपूर्ण था। हमने उन्हें बताया कि आगे क्या हो सकता है. पहली चीज तो यह की संबंध आपसी भरोसे पर आधारित हों। तालीबान से बातचीत को लेकर उन्होंने कहा कि हमने अब तक पूरी कोशिश की है।





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