विधानसभा उपचुनाव में हार का बदला जनता से लेना उचित नहीं : शिवानी राठौर / Shivpuri News

 करैरा/ विधानसभा उपचुनाव में विधानसभा चुनाव के समय की गई घोषणाओं के अनुसार कार्य कराने के स्थान पर उन घोषणाओं के लिए आवंटित बजट को मध्यप्रदेश शासन द्वारा वापस लिया जाना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता यह जनता के साथ विश्वासघात है. 

कु. शिवानी राठौर जिलाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग महिला कांग्रेस शिवपुरी ने इस संबंध में अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि जनता ने अपनी सूझबूझ एवं जागरूकता का परिचय देते हुए लोकतंत्र की आस्था में विश्वास व्यक्त करते हुए अपने मत का प्रयोग किया. उन्हें जो प्रत्याशी बेहतर लगा उसका उन्होंने चयन किया तथा करैरा विधानसभा उपचुनाव से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार प्रागी लाल जाटव को विजई बनाया. 

 

मीडिया समाचार पत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उपचुनाव से ठीक पहले अक्टूबर के शुरूआत में करैरा नगर में नई सब्जी मंडी के लिए 2.92 करोड़ और नए तालाब के लिए 2.50 करोड़ रुपए नगर परिषद करैरा को जारी किए गए थे. करैरा विधानसभा सीट हार जाने के बाद यहां मंजूर कार्यों पर किसी ने ध्यान ही देना छोड़ दिया. नतीजा यह हुआ कि उक्त दोनों कार्य अप्रारंभ बताकर संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने 4 दिसंबर को पत्र जारी करके 5.42 करोड वापस ले लिए हैं.विधानसभा उप चुनाव में घोषणा के बाद करैरा को मिलीं सौगातें छिन सकती हैं जो कहीं ना कहीं सरकार की दुर्भावना को व्यक्त करती हैं. करैरा विधानसभा में स्नातक कॉलेज, मंच निर्माण, नवीन बस स्टैंड,रिंग रोड, टीला पारा डेम, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की घोषणा हो चुकी है। लेकिन ये सभी सौगातें भी करैरा की जनता से छिनती नजर आ रहीं हैं।

 

 कहीं ना कहीं इसे उप चुनाव परिणाम से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं सबसे बड़ा मुद्दा सोनचिरैया अभ्यारण्य का है जिसके डी – नोटिफिकेशन का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। लेकिन यह मुद्दा भी ठंडे बस्ते में पड़ सकता है। शिवानी राठौर ने बताया आम जनता लोकतंत्र में अपनी भूमिका हमेशा से निभाती आ रही है आगे भी निभाएगी. चुनाव के समय की सभी घोषणाओं को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बिना किसी भेदभाव के पूर्ण किया जाना चाहिए जिससे कि आम जनता का लोकतंत्र में विश्वास बना रहे.