सुनील रजक शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी में कोरोना वायरस के बढ़ रहे संक्रमण को देखते हुए लगातार सुविधाओं को बढ़ाने के लिए शिवपुरी के तीन निजी अस्पतालों ने अपने यहां उपलब्ध सुविधाओं का व्योरा जिला स्वास्थ्य विभाग को सौपा है। जिसमें निजी अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्वास्थ्य विभाग को आश्वस्त किया है कि किसी भी प्रकार से जब प्रशासन उनकी सुविधाओं का लाभ लेना चाहें उससे उन्हें किसी भी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं होगी।
उक्त निजी अस्पतालों में संदिग्ध मरीज व पॉजिटिव पाए गए मरीज के इलाज के लिए व्यवस्था की जा सकती है। ऐसे में जब प्रदेश सरकार निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को कोविड-19 अस्पतालों में तब्दील करने की सोच रहा है। जिसमें शिवपुरी जिले में मदद करने के लिए खुद ही एमएम हॉस्पिटल, सिद्धि विनायक हॉस्पिटल व नवजीवन हॉस्पिटल ने अपने हाथ बढ़ाये है।
स्वास्थ्य विभाग ने आज एक सूची जारी की है जिसमें जिला अस्पताल के साथ साथ इन तीनों अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का व्योरा भी शामिल किया गया है।
सूत्रों की माने तो जरूरत पडऩे पर इन निजी अस्पतालों को कोविड-19 अस्पतालों में तब्दील किए जा सकते है या यूं कहो कि इन्हें उपयोग में लिया जा सकता हैं। ताकि जरूरत आने पर लोगों को अधिक से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।जरूरत आने पर इन निजी अस्पतालों में कोरोना पॉजिटिव पाए गए मरीज भर्ती किया जा सकेंगा।
साथ ही एमएम अस्पताल, नवजीवन अस्पताल व सिद्धि विनायक अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए स्वास्थ्य विभाग को मदद देने के लिए स्वतः ही आगे आएं हैं।
शिवपुरी में अब है ऐसे निजी अस्पताल जो विपदा की इस घड़ी में है मौन
शिवपुरी में ऐसा नहीं है कि यह सुविधाओं वाले मात्र तीन ही अस्पताल है शिवपुरी में ऐसे भी कई बड़े नर्सिंग होम है जहां जिले भर से आने वाले रोगी अपने रोगों का इलाज कराते है परन्तु अभी तक इन नर्सिंग होमों द्वारा स्वास्थ विभाग प्रबंधन को अपना व्योरा नहीं उपलब्ध कराया गया है जिसका लाभ जरूरत पड़ने पर सरकार ले सके ।
कल्पना नर्सिंग होम, विद्यादेवी नर्सिंग होम, शहर की प्रतिष्ठित महिला चिकित्सक उमा जैन का नर्सिंग होम, वर्मा हॉस्पिटल, डी डी एम आदि ऐसे अनेक अस्पताल ऐसे अभी वाकि है जो अगर शहर में इस भयानक वायरस को लड़ने में प्रशासन की भरपूर मदद कर सकते है।
यहाँ हम आपको बता दें कि नवजीवन हॉस्पिटल जो कि पोहरी बस स्टैंड के समीप स्थित हैं। इस हॉस्पिटल में जो भी मरीज बाहर से आता हैं। या जो एडमिट हैं। उनका पूरा ख्याल रखा जा रहा हैं। सबसे पहले मरीज के हाथों को सेनेटाइज किआ जा रहा हैं। उसके बाद मुह से मास्क बांधकर ही मरीज को अंदर जाने दिया जा रहा हैं।
वही एक तरफ डॉ शशि सुनील तोमर ने बताया कि हमसे स्वाथ्य बिभाग द्वारा जानकारी मांगी गई थी जो कि हमने उन्हें दे दी हैं।
अब सवाल ये उठता हैं कि क्या केबल इन्ही तीन हॉस्पिटल से स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी मांगी थी। अब अगर माना जाये कि इन्ही तीन हॉस्पिटल से जानकारी मांगी थी तो क्या ये तीन ही हॉस्पिटल शहर में संचालित हैं और अपनी सेवाएं दे रहे है। बाकी ओर प्राइवेट हॉस्पिटल क्या संचालित नही हैं। आखिर माज़रा क्या हैं। अब हम ये बता दें कि इन तीनो हॉस्पिटल में से एक हॉस्पिटल जो कि एमएम हॉस्पिटल हैं शहर में कई सालों से संचालित हैं। लेकिन नवजीवन ओर सिद्धिविनायक हॉस्पिटल अभी कुछ सालों से ही शहर में संचालित हैं। और कई बर्षों से कई हॉस्पिटल शहर में संचालित हैं लेकिन उनका ब्यौरा नही लिया गया क्या उनके पास सुबिधायें नही हैं तो क्यो उन्हें संचालित किया जा रहा हैं।
इनका कहना हैं
इस महामारी से लड़ने के लिए हमारा पूरा अस्पताल तैयार है प्रशासन से हमें जैसा आदेश मिलेगा उसका पूर्ण रूप से पालन करेंगे
डॉ अरविंद
नवजीवन हॉस्पिटल डायरेक्टर
हमारे डॉ और हमारे स्टाफ पूर्ण रूप से सेवाएं दे रहे हैं और इस महामारी से लड़ने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है
प्रदीप तोमर मोंटू
मैनेजर नवजीवन हॉस्पिटल
इस महामारी से लड़ने के लिए हमारा पूरा अस्पताल तैयार है प्रशासन से हमें जैसा आदेश मिलेगा उसका पूर्ण रूप से पालन करेंगे , हर संकट की घड़ी में हम साथ खड़े हैं।
डॉ शशि डॉ सुनील तोमर
संचालक सिद्धिविनायक हॉस्पिटल
हम हर तरह से साथ खड़े हुए हैं किसी भी परिस्थिति में हम साथ हैं। हर संभब मदद हमारे तरफ से की जाएगी
डॉ आरपी सिंह
एमएम हॉस्पिटल






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