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करैरा में बैंक के बाहर लम्बी कतार, अपना ही पैसा नहीं निकाल पा रहे ग्रामीण / Shivpuri News

शिवपुरी: करैरा तहसील के जिला सहकारी बैंक के खाता धारकों को उनका ही पैसा नहीं मिल रहा है। इसके लिए खाता धारक दूर-दराज के गांव से हर रोज बैंकों में अपना पैसा निकालने आते हैं लेकिन उन्हें पैसा नहीं दिया जाता है।


बता दें कि सहकारी बैंक में हुए करोड़ों के घोटाले के बाद कई सालों से बैंक की आर्थिक व्यवस्था डगमगाई हुई है। बैंक अपने ही खाताधारकों के जमा पैसे को लौटाने में असमर्थता जता रही है। गुरुवार को करैरा कस्बे के सहकारी बैंक के बाहर अपना पैसा निकालने पहुंचे किसानों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीण कुंअर राज कुशवाह ने बताया कि 2 साल पहले उन्होंने 90 हजार रुपए सहकारी बैंक के अपने खाते में जमा कराए थे, लेकिन 2 साल गुजरने के बाद भी बैंक उन्हें पैसा नहीं दे रही है।

झंडा गांव के रहने वाले मुकेश तिवारी ने बताया कि साल 2021 में धान के एक लाख रुपए उनके खाते में डाले गए रुपए आज दिनांक तक उन्हें नहीं मिले है। अमोलपटा गांव के रहने वाले किसान पातीराम ने बताया कि गेहूं की फसल के 8 लाख रुपए उनके खाते में जमा कराए थे। 1 साल बाद भी 8 लाख में से उन्हें एक रुपया भी बैंक ने नहीं निकालने दिया है। इसी तरह मुकेश अपनी 4 लाख की एफडी को निकालने के लिए बैंक के चक्कर लगा रहा है।

उन्होंने बताया कि एफडी की समय अवधि पूरी होने के बाद भी उन्हें बैंक पैसा नहीं दे रही है। इसके अलावा बैंक के बाहर मौजूद सभी लोगों ने बैंक प्रबंधन पर पैसे लेकर पैसा निकालकर देने के भी आरोप लगाए हैं।

बता दें कि सहकारी बैंक में घोटाला होने के चलते जिलेभर के सहकारी बैंक के खाता धारकों को हर रोज इसी तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है।

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