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7 शिक्षकों की नियुक्ति रद्द, FIR होगी: फर्जी तरीके से दिव्यांग सर्टिफिकेट लगाया था, मुरैना के निवासी / Shivpuri News

शिवपुरी: जिले में पिछले शैक्षणिक सत्र के दौरान हुई शिक्षक भर्ती में जिले के स्कूलों में सेवाएं दे रहे 7 शिक्षकों को कूट रचित दिव्यांग प्रमाण पत्र से आरक्षित दिव्यांग श्रेणी में नौकरी लेने और नियुक्ति के समय शपथ पत्र में झूठी जानकारी देने के चलते उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गई है। सातों पर FIR दर्ज कराई जा रही है। यह सभी मुरैना जिले के निवासी है।


जांच के दौरान उनके दिव्यांग प्रमाण पत्र कूट रचित पाए गये थे। उन्होंने अलग-अलग कैटेगरी में कूटरचित दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाकर आरक्षण का लाभ लेते हुए शिवपुरी जिले के विभिन्न स्कूलों में नियुक्ति हासिल कर ली थी। कार्रवाई की जद में आए 7 में से 5 प्राथमिक शिक्षक है जबकि एक माध्यमिक विद्यालय और एक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक हैं।

इन 7 की नियुक्ति हुई रद्द

जालसाजी के चलते जिले में जिन पांच प्राथमिक शिक्षकों को बर्खाश्त किया गया है, उनमें कन्या प्राथमिक विद्यालय लुकवासा में पदस्थ गिर्राज किशोर शाक्य निवासी वार्ड क्रमांक-4 ग्राम शेखपुर कैलारस जिला मुरैना, कन्या प्रावि आमखेड़ा में पदस्थ अशोक मीणा निवासी मड़ेवा टैंटरा सबलगढ़ जिला मुरैना, हाई स्कूल बसई में पदस्थ शत्रुघ्न शर्मा निवासी पुरानी सब्जी मंडी रोड सरस्वती बिहार कालोनी कैलारस जिला मुरैना, हाई स्कूल एरावनी में पदस्थ मनोज कुमार गौर ग्राम जलालपुर पोस्ट बघेल तहसील जौरा जिला मुरैना व माध्यमिक विद्यालय बक्सपुर में पदस्थ माला वर्मा निवासी ग्राम दीपेरा तहसील कैलारस जिला मुरैना शामिल हैं। जिनकी नियुक्ति जिला शिक्षा अधिकारी समर सिंह राठौड ने समाप्त कर दी है, जबकि 6 जून 2021 से शिवपुरी के मावि चमरौआ में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक धर्मेंद्र सिंह पुत्र हरेंद्र कुमार निवासी ग्राम व पोस्ट दीपेरा तहसील कैलारस जिला मुरैना की नियुक्ति संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा ग्वालियर संभाग दीपक पांडे ने समाप्त कर दी है। इसी तरह 24 जून 2022 से उच्च माध्यमिक शिक्षक जीव विज्ञान के पद पर शिवपुरी के उमावि बामौर डामरौन पिछोर में पदस्थ मनोरमा पुत्री ऋषिकेश शर्मा निवासी वीर सावरकर मार्ग पुरानी हाऊसिंग बोर्ड कालोनी मुरैना को आयुक्त लोक शिक्षण अनुभा श्रीवास्तव ने बर्खास्त कर दिया है।

नियुक्ति से पहले दिया था शपथ पत्र

शिक्षक भर्ती के दौरान दस्तावेजों का वैरीफिकेशन तो हुआ ही था साथ ही अभ्यर्थियों से यह शपथ पत्र भी लिया गया था कि उनके द्वारा जो जानकारियां दी गई हैं और जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं उनमें अगर कोई भी जानकारी या दस्तावेज असत्य पाए जाते हैं तो उनकी सेवा तत्काल समाप्त की जा सकेगी। आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा सकेगा। बता दें कि विकलांगता प्रमाण पत्र के जरिए शिक्षक की नियुक्ति पाने वाले इन शिक्षकों को दिव्यांगता की श्रेणी में आरक्षण हासिल हो गया था।

मुरैना कलेक्टर ने कराई थी जांच

प्रदेश भर में शिक्षक भर्ती के दौरान कान, आंख, हाथ आदि कैटेगरी के फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी हासिल करने की शिकायतों के बाद प्रदेश स्तर से निर्देश देकर जिला कलेक्टरों के जरिए दिव्यांग प्रमाण पत्रों की जांच कराई गई थी। इस मामले में मुरैना कलेक्टर ने जब मुरैना जिला चिकित्सालय से जिले के अभ्यार्थियों के दिव्यांग प्रमाण पत्रों का वेरिफिकेशन कराया तो 77 दिव्यांग प्रमाण पत्र ऐसे पाए गए जो विकलांगता पंजी में दर्ज ही नहीं थे जिसके बाद मुरैना कलेक्टर ने 15 मई 2023 को कूट रचित दस्तावेज वाले 77 अभ्यार्थियों की यह सूची विभाग को उपलब्ध कराई और इस सूची में शिवपुरी जिले में नौकरी हासिल करने वाले उक्त 7 शिक्षक भी शामिल थे।

जिला शिक्षा अधिकारी बोले

DEO समर सिंह राठौड़ ने कहा कि लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा कराई गई जांच में जिले पदस्थ पांच प्राथमिक एवं एक मावि व एक उमावि शिक्षकों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र कूट रचित पाए गए, जिस पर पांचों प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति जिला स्तर से हमने तत्काल समाप्त करते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के लिए प्रस्ताव पुलिस अधीक्षक को भेज दिया है। वहीं एक माध्यमिक शिक्षक की नियुक्ति संभागीय संयुक्त संचालक ग्वालियर और उच्च माध्यमिक शिक्षक की नियुक्ति आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा समाप्त की गई है।

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