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19 माह बाद हुई युवक-युवती की पहचान: कब्र से निकालकर परिजनों कों सुपुर्द किए जाएंगे शव / Shivpuri News

शिवपुरी: जिले के इंदार थाना क्षेत्र में 6 अक्टूबर वर्ष 2021 की सुबह एक युवक और एक युवती की लाश खतौरा-बिजरोनी मार्ग पर मिली थी। दोनों के शरीर पर चोट और गले में निशान मिले थे। कई प्रयास के बाद भी पुलिस दोनों लाशों की शिनाख्त नहीं कर सकी थी। युवती के हाथ पर माना लिखा हुआ महज एक सुराग पुलिस के हाथ लगा था। पुलिस ने मर्ग कायम कर युवक और युवती के शव को इंदार थाना क्षेत्र के खतौरा गांव के मुक्ति धाम पर दफना दिया था। अब मामले में युवक युवती की शिनाख्त हुई है।


गुमशुदगी और अपहरण के मामले खंगाले

दोनों के शव को दफनाने के बाद भी पुलिस लगातार मृतकों की शिनाख्त में जुटी हुई थी। पुलिस लगातार शिवपुरी जिले सहित आसपास के जिलों में गुमशुदगी और अपहरण के दर्ज मामलों को खंगालने में जुटी हुई थी। पुलिस को सूचना लगी थी कि भौंती थाना क्षेत्र में अगस्त वर्ष 2021 में एक माना नाम की नाबालिग (17 साल 6 महीने) के अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने जब तहकीकात की तो उक्त नाबालिग की पहचान खतौरा-बिजरोनी मार्ग पर मिली मृत अवस्था मे मिली युवती के रूप में फोटो के आधार पर की गई। युवती की पहचान माना आदिवासी निवासी खेरोना थाना भौंती के रूप में होने के बाद पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए माना के परिजनों से पूछताछ की तो माना के परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी माना को मायापुर थाना क्षेत्र के पडोरा गांव का रहने वाला प्रह्लाद आदिवासी अपने साथ भगा ले गया था। तभी से दोनों लापता थे दोनों को कोई सुराग नहीं लग सका था।

इंदार थाना प्रभारी केएन शर्मा ने बताया कि माना के परिजनों के बयानों के बाद मायापुर थाना क्षेत्र पडोरा गांव के रहने वाले प्रह्लाद आदिवासी के घर जाकर पूछताछ कि तो प्रह्लाद के परिजनों ने फोटो के आधार पर प्रह्लाद की पहचान कर ली। थाना प्रभारी के अनुसार अब तक की पड़ताल में इंदार थाना क्षेत्र में 6 अक्टूबर वर्ष 2021 को मिली युवक और युवती की लाश की शिनाख्त पुलिस ने कर ली है। दोनों के शव सड़क तक कैसे पहुचे, किसने फेंके, हत्या या आत्महत्या इसकी पड़ताल पुलिस कर रही है।

भाई के शादीशुदा साले के साथ भाग गई थी माना

जानकारी के अनुसार माना के परिजनों ने अगस्त वर्ष 2021 को माना के अपरहण का मामला दर्ज भौंती थाना में दर्ज कराया था। बताया गया है कि माना अपने भाई सुरेंद्र आदिवासी के साले प्रह्लाद यादव के साथ भाग गई थी जबकि प्रह्लाद आदिवासी पहले से ही शादीशुदा था। लेकिन उस समय माना नाबालिग थी। भौंती थाना पुलिस को माना की आखिरी लोकेशन अशोकनगर जिले के ईसागढ़ मिली थी। पुलिस ने ईसागढ़ में दबिश दी थी लेकिन पुलिस के हाथ नहीं माना और ना ही माना को भगाने वाला प्रह्लाद आदिवासी लग सका था।

बता दें, अपने बहनोई की नाबालिग बहन को भगाने वाला प्रह्लाद आदिवासी पहले से ही शादीशुदा था, और ईसागढ़ में ही प्रह्लाद आदिवासी की ससुराल भी थी आखरी लोकेशन मिलने के बाद पुलिस के हाथ माना और प्रह्लाद का कोई भी सुराग नहीं लग सका था। इसके बाद 6 अक्टूबर 2021 की सुबह इंदार थाना क्षेत्र में दोनों की लाश मिली थी लेकिन दोनों की पहचान नहीं हो सकी थी।

कब्र से निकाले जाएंगे शव

अब जल्द ही इंदार थाना क्षेत्र के मुक्ति धाम में गढ़े दोनों के शवों को निकाला जाएगा। इसके बाद शवों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस दोनों के शवों के डीएनए टैस्ट भी कराने की तैयारी कर रही है। दोनों मृतकों के पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराए थे दोनों की ही रिपोर्ट में हैंगिंग से मौत का होना बताया गया था। लेकिन सड़क पर दोनों की लाश मिली थी उस स्थान के आस पास फांसी लगाने जैसी कोई भी लोकेशन पुलिस को नहीं मिली थी।

सड़क पर फेंके गए थे शव

पुलिस पड़ताल में सामने आया था कि दोनों मृतकों के शव सड़क पर फेंके गए थे। दोनों की मौत फांसी लगने से दम घुटने से हुई थी। पुलिस अब इस बात की भी तहकीकात कर रही है कि दोनों युवक युवती ने किस स्थान पर फांसी लगाकर सुसाइड किया। इसके बाद दोनों के शव सड़क पर किसने फेंके, साथ ही पुलिस इस बात की भी तहकीकात कर रही है कि कहीं दोनों को पहले फांसी पर लटका कर मौत के घाट उतार दिया हो। दोनों के शवों को सड़क पर फेंक दिया गया हो। इस पूरे घटनाक्रम में अब पुलिस युवती के भाई, युवक की ससुराल और ईसागढ़ में दोनों की आखरी बार मिली लोकेशन मिलने वाले फाॅर्म हाउस के मालिक से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।

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