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अच्छी खबर: 32 किमी में बिछेगी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन, 4 ओवरहेड टैंक बनेंगे, इससे सप्लाई सुधरेगी, नलों में आएगा पर्याप्त / Shivpuri News

शिवपुरी: सिंध जलावर्धन योजना के तहत जीआर पाइप बदलने का रास्ता अब खुल गया है। 2 साल से लाइन बदलने की कवायद चल रही थी। अमृत-2 योजना में यह प्रस्ताव शामिल किया गया। सोमवार को भोपाल में आयोजित बैठक में जीआर लाइन की जगह डीआरआई लाइन बिछाने के लिए 65 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए गए। हालांकि प्रस्ताव 71.5 करोड़ का भेजा गया था।


स्वीकृत बजट से 32 किलोमीटर लंबी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछेगी और 4 ओवरहेड टैंक भी बनेंगे। ट्रीटमेंट प्लांट से सतनवाड़ा तक और वहां से शिवपुरी तक लाइन बदल जाने के बाद डिस्ट्रीब्यूशन लाइन शहर में बिछाई जाएगी, फिर लोगों को नलों के जरिए पानी मिलने लगेगा। हालांकि सरकार से बजट मंजूर होने के बाद भी अभी टेंडर प्रक्रिया में करीब एक महीना लग जाएगा, इसके बाद काम शुरू हो सकेगा। डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछ जाने के बाद दो बड़े लाभ शहरवासियों को होंगे। पहला, इस लाइन से घरों में तेज पानी आएगा। दूसरा, अभी 16 टंकी हैं, 4 और बन जाने से पानी स्टोर क्षमता बढ़ने के साथ-साथ सप्लाई भी आसान होगी।

जानिए, कहां बनेगी 4 नई टंकियां
1. कठमई: यहां नई टंकी बन जाने से आदिवासी बस्ती तक पानी पहुंच सकेगा, जिससे लंबे अरसे से परेशान लोगों की प्यास बुझ सकेगी।

2. दुर्गा टॉकीज के सामने: शहर के मुख्य बाजार वाला हिस्सा, जहां घनी आबादी है और व्यवसायी वर्ग रहता है। यहां टंकी बन जाने से एक साथ 4 वार्ड के लोगों को राहत मिलेगी।

3. सुभाष पार्क के पास: शहर के 9 वार्ड को पानी सप्लाई स्टील टंकी से होती है, लेकिन वार्ड 19, 20, 22 और 23 में पानी ठीक तरह से नहीं पहुंचता। यहां टंकी बन जाने से स्टील टंकी का दबाव खत्म होगा और वार्ड वासियों को घरों पर पानी मिलने लगेगा।

4. बीज गोदाम के पास: बीज गोदाम के पास अधिकांश जरूरतमंद लोग रहते हैं, जहां पानी की बड़ी किल्लत है। यहां टंकी बन जाने से सीधे दो वार्ड में पानी की समस्या से निजात मिलेगी।

पहले चरण में 56 करोड़ मिले… बिना जांचे बिछा दी जीआरपी लाइन, जो जगह-जगह फूट रही

सिंध जलावर्धन योजना के पहले चरण में 56 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे। इस राशि से टंकी और ट्रीटमेंट प्लांट बनने के साथ ही शिवपुरी तक डिस्ट्रीब्यूशन और मेन लाइन बिछाने का काम भी किया गया। सीएमओ केशव सिंह सगर का कहना है कि पहले चरण में जीआरपी पाइप बिछाए गए, जिन्हें ठंडे प्रदेशों में उपयोग किया जाता है या फिर इन पाइपों को डालने के दौरान रेत का उपयोग किया जाता है।

ऐसा यहां नहीं हुआ, यही कारण है कि पाइप बार-बार खराब हो रहे हैं। अब लोहे के पाइप यानी डीआई पाइप बिछाए जाएंगे। कलेक्ट्रेट में जब खेल मंत्री यशोधरा राजे ने पूछा की पाइप बिछाने के लिए क्या अलग से लाइन बिछाई आएगी, फिर खुदाई होगी, तो सीएमओ बोले कि इसे जोड़ने के लिए अलग से लाइन नहीं बिछानी होगी। जो पाइपलाइन अभी ट्रीटमेंट प्लांट से शिवपुरी तक बिछी है, उसी के बाजू से इस लाइन को बिछाने का काम किया जाएगा, ताकि कम समय में जल्द काम पूरा हो सके।

100 साल तक संकट नहीं होगा
डीआई लाइन बिछाने की स्वीकृति मिल गई और पैसा भी स्वीकृत हो गया है। अब महीने भर में टेंडर प्रक्रिया के बाद काम शुरू करा देंगे। यह पाइपलाइन शहर की कम से कम 100 साल तक पानी की समस्या को मिटा देंगे।
केशव सिंह सगर, सीएमओ, शिवपुरी

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