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अध्यक्ष गायत्री शर्मा का दर्द: मंत्री से कहा इंजीनियर नहीं सुनते, काम नहीं होते समय पर / Shivpuri News

शिवपुरी: मैं अपनी पीड़ा किससे कहूं, पूरे 6 महीने हो गए, नगर पालिका के एक भी इंजीनियर मेरी नहीं सुनते। जब भी किसी काम का बताओ तो जानबूझकर उसे अनसुना कर देते हैं। मैंने कई बार इस संबंध में परिषद में लोगों की शिकायतों के निराकरण के लिए कहा लेकिन कोई भी काम इन इंजीनियर की वजह से पूरा नहीं हो सका।


आखिर शहरवासियों ने विकास की जिम्मेदारी मुझे सौंपी है, यह कैसे पूरी होगी। यह शिकायत नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने मंगलवार को प्रदेश की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया की। कलेक्ट्रेट में जब नपाध्यक्ष ने अपनी पीड़ा बताई तो मंत्री यशोधरा राजे ने कहा कि परिषद की मुखिया नगर पालिका अध्यक्ष हैं और इनकी सुनवाई नहीं होगी तो फिर कैसे विकास के काम होंगे। उन्होंने इस मामले को कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी को हल करने के निर्देश दिए।

मंत्री यशोधरा राजे से नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने कहा कि नगर पालिका के इंजीनियर और अधिकारी शहर के विकास के लिए परिषद के हाथ पांव हैं। यदि यही लापरवाही बरतेंगे तो कैसे काम होंगे। जब भी में किसी काम के लिए फाइल बनाकर लाने कहती हूं तो इंजीनियर कहते हैं कि यह मेरा काम नहीं, फलाने का है, वह करेगा। जब दूसरे इंजीनियर से कहो तो वह भी अनसुनी करता है।

नगर पालिका अध्यक्ष के साथ इन इंजीनियर का यह आचरण है। मैं अपनी पीड़ा किससे कहूं। यह सुनकर खेल मंत्री यशोधरा राजे बोलीं- यह तो बेहद गंभीर आरोप हैं। आखिर इंजीनियर अध्यक्ष की सुन क्यों नहीं रहे, नगर पालिका में काम कैसे होंगे। उन्होंने कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी से कहा कि वे नगर पालिका अधिकारियों की बैठक लेकर इस मामले को निपटाएं।

इन कामों के अटकने पर जताई नाराजगी
1. कुछ सड़क ऐसी हैं जिनके टेंडर हो गए कार्य आदेश जारी नहीं हुए हैं।
2. पानी की मोटर खराब हो जाने के बाद उसे खरीदने या सुधारने की सुध नहीं ली जाती। जनता परेशान होती है। पहले से इंतजाम इंजीनियर करके नहीं रखते।
3. सड़कों की मरम्मत के काम शेष हैं। कब तक लेटलतीफी चलती रहेगी।

परिषद के सम्मेलन में पार्षदों की भी यही पीड़ा थी
एक दिन पहले हुए नगर पालिका परिषद के सम्मेलन में भी ज्यादातर पार्षदों की यही पीड़ा थी कि सीएमओ और नपा के अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे। उनके वार्डों में काम नहीं हो रहे। सम्मेलन में क्या भाजपा क्या कांग्रेस, दोनों दलों के पार्षदों ने विरोध जताया था। अब नपा अध्यक्ष ने मंत्री के सामने पीड़ा जताई तो यह स्पष्ट हो गया कि नपा में अधिकारी जनप्रतिनिधियों पर हावी हैं।

मन में पीड़ा थी तो अपने नेता के समक्ष रख दी
मेरी न तो एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मनोहर बागड़ी सुन रहे हैं न एई सचिन चौहान। पानी, सड़क, सफाई सुविधा नगर पालिका को उपलब्ध करानी होती हैं और इंजीनियर काम को बाबू पर और बाबू इंजीनियर पर डाल रहे हैं, यह गलत है। कई सड़कें ऐसी हैं, जिनके कार्य आदेश तक इंजीनियर ने जारी नहीं किए। मन में काफी पीड़ा थी, इसलिए मीटिंग में अपनी नेता के समक्ष कह गई।- गायत्री शर्मा, नपाध्यक्ष, शिवपुरी

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