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शासकीय स्कूल की टॉयलेट से छत गायव, खुले में शौच जाने कों मजबूर छात्राएं / Shivpuri News

शिवपुरी: स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए घर-घर शौचालय के साथ ही स्कूलों में भी टॉयलेट बनवाए जा रहे हैं। दूसरी ओर करैरा अंचल में स्कूलों में शौचालय की छत बनाना ही भूल गए हैं। करैरा जनपद के ग्राम दांगीपुरा में एक स्कूल मिला है, जहां पर शौचालय की छत गायब है। उसकी जगह लकड़ियां रखकर काम चलाया जा रहा है।


जानकारी के अनुसार शासकीय माध्यमिक विद्यालय दांगीपुरा स्कूल के शौचालय को छत नहीं होने से छप्पर वाली छत डालकर बना दिया है। महत्वपूर्ण बात ये है कि यह शौचालय छात्राओं के लिए बनाई गई है, जिसमें वह सुरक्षित शौच के लिए जा सकें। छत नहीं होने से उसमें कोई भी छात्रा नहीं जाती है, क्योंकि शौचालय को लकड़ियों से ऐसा ढका है कि उसके अंदर सब कुछ नजर आ रहा है।

स्कूल में पूरी शौचालय बनाने के लिए राशि आई थी, लेकिन उसमें बंदर बांट कुछ ऐसा हुआ कि शौचालय की सिर्फ दीवारें ही बनकर तैयार हो सकी। जबकि छत का पैसा जेबों में चला गया। आलम ये है कि छात्राओं को मजबूरन बाहर खुले मैदान में शौच को जाना पड़ रहा हैं। छात्राओं व उनके परिवार वालों ने कलेक्टर से कार्रवाई की मांग की है।

इनका कहना है

मुलायम वंशकार, हैड मास्टर, शासकीय मावि दांगीपुरा का कहना है कि मुझे तो तीन महीने पहले ही चार्ज मिला है। यह शौचालय तो पहले से ही ऐसी है। उसकी छत नहीं है, इसलिए उसका उपयोग भी नहीं होता है। अब हम देखते हैं कि रुपए आ जाएं तो उसकी छत बनवा देंगे।

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