शिवपुरी: दिनारा क्षेत्र के ग्राम दबरा सेहरया में इन दिनों रात के अंधेरे में मनरेगा योजना के तहत होने वाले निर्माण कार्य मशीनों व जेसीबी से कराए जा रहे हैं, जबकि यह कार्य मजदूरों से कराने का नियम है। ग्रामीणों व मजदूरों ने इसकी शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से की, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जानकारी के मुताबिक दवरा सेहरया पंचायत में मनरेगा योजना के तालाब में वाटर लेबल बढ़ाने का काम मजदूरों से न कराकर जेसीबी मशीन से हो रहा है। गांव के सरपंच व सचिव काम मशीनों से कराकर दस्तावेजों में मजदूरों से होना दर्शा देते हैं। गांव के ऋतुराज यादव ने बताया कि मनरेगा योजना में इतनी बड़ी लापरवाही की जा रही है, लेकिन जनपद पंचायत के अधिकारी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे। यह मामला केवल एक पंचायत का नहीं बल्कि अधिकांश पंचायतों में इसी तरह से मशीनों से काम लिया जाता है।
यह बोले मजदूर
रामकिशन जाटव, मजदूर ने बताया कि हमको महीनों से पंचायत में मजदूरी का काम नहीं मिला है। सरपंच व सचिव मशीनों से रात को काम करा लेते हैं। मजदूरी के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है।
यह बोले जिम्मेदार
अनूप गुप्ता, पंचायत सचिव का कहना है कि मेरे हिसाब से तो पूरी पंचायत में कहीं भी मशीनों से कोई काम नहीं हो रहा। 15-20 दिन से तो काम बंद है। इसके बाद मशीनों से काम होते का फोटो किस पंचायत का है, इसको मैं दिखवा लेता हूं।
ब्रमेंद्र गुप्ता, जनपद सीईओ, करैरा का कहना है कि इस तरह से मशीनों से काम कराना तो गलत है। मैं कल ही मौके पर इंजीनियर को भिजवाकर देख लेता हूं। अगर मशीनों से काम कराया जा रहा है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दबरा में बाहर मजदूरी करने कों मजदूर: बोलें रात को मशीनों से होता हैं मनरेगा का काम / Shivpuri News




