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सरसों की गिरिराज प्रजाति से प्रति हेक्टेयर 25 से 30 क्विंटल तक पैदावार, रोग भी कम लगते हैं / Shivpuri News

शिवपुरी: कम लागत में अच्छी पैदावार के चलते शिवपुरी जिले के किसानों का रुझान सरसों के प्रति बढ़ा है, जिससे जिले में इस साल सरसों की रिकार्ड 1.60 हेक्टेयर में बोवनी हुई है। इसी के मद्देनजर कृषि विज्ञान केंद्र शिवपुरी ने राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान भरतपुर राजस्थान से सरसों की नई प्रजापति गिरिराज लाकर जिले में 50 किसानों के खेतों पर प्रयोग के तौर पर लगवाई है। गिरिराज किस्म का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 25 से 30 क्विंटल हेक्टेयर तक रहता है। साथ ही इस किस्म में रोग, कीट आदि भी बहुत कम लगते हैं।


जिले में सरसों का क्षेत्रफल एवं उत्पादन बढ़ाने कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा क्लस्टर का चयन कर अलग अलग गावों में प्रदर्शन डाले गए। दो से ढाई बीघा में सरसों की नई प्रजाति का किसान उत्पादन ले रहे हैं। किसानों से जानकारी साझा करने के बाद उन्होंने माना कि नई प्रजाति की तुलना में गिरिराज बेहतर है। सरसों की दूसरी प्रजापति से किसान प्रति हेक्टेयर 20 से 22 हेक्टेयर उत्पादन ले पाते हैं। नई प्रजाति से किसानों को मौजूदा मंडी भाव से 25 से 40 हजार रु. ज्यादा मुनाफा मिलेगा। कृषि विज्ञान केंद्र क्षेत्र से लगे पिपरसमां क्लस्टर में ही 25 किसानों ने नई प्रजाति उगाई है।

नई प्रजाति का बीज दूसरे किसानों को उपलब्ध कराएं
कार्यक्रम में मौजूद किसानों को सलाह दी है कि सरसों की गिरिराज प्रजाति का बीज बाजार में बेचने की बजाय दूसरे किसानों को उपलब्ध कराएं ताकि जिले में इसका अधिक से अधिक विस्तार हो सके। पिपरसमां सरपंच हल्के धाकड़ ने वादा किया कि वह सरसों की नई प्रजापति को दूसरे किसानों तक पहुंचाएंगे। – डॉ पुनीत कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र शिवपुरी

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