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नपा: स्ट्रक्चर से बरसात में बनेंगे बाढ़ के हालात, पीएचई: नपा की आपत्ति से काम रोकना पड़ा / Shivpuri News

शिवपुरी: शहर में दुर्गामठ के पास बने जिस नाले पर पीएचई विभाग द्वारा सीवर लाइन पानी निकासी के लिए स्ट्रक्चर तैयार किया कराया जा रहा है, वह लोकेशन गलत है। इससे शहर में बाढ़ के हालात बनेंगे। यह कहते हुए नपा ने काम रुकवा दिया है। नपा के सहायक यंत्री सचिन चाैहान ने बताया कि नपा ने पीएचई से कहा है कि वह पूरे प्लान को रीडिजाइन कराएं ताकि शहर बाढ़ के हालातों से बच सके। उधर पीएचई के कार्यपालन यंत्री एलपी सिंह का कहना है कि हमें दो नाला ट्रैफिक स्टेशन बनाने थे। हम एक स्टेशन बना चुके हैं, जबकि दूसरे का काम नपा की आपत्ति के बाद रुका हुआ है। नपा और पीएचई की खींचतान के बीच एक महीने से अधिक समय से नाला स्टेशन का काम अटका हुआ है।


सीवेज प्रोजेक्ट को लेकर 6 माह पहले जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा था कि सीवर प्रोजेक्ट के तहत हो रही खुदाई और उसमें बिछाई जा रही पाइप को इस ढंग से डाला जाए ताकि किसी भी तरह से सीवेज का गंदा पानी इन नालों में न मिले और इससे कोई खतरा उत्पन्न न हो। इसी के तहत पीएचई विभाग ने प्लानिंग कर तकरीबन 50 लाख रुपए की लागत से दो नाला ट्रैफिक स्ट्रक्चर बनाए जिससे गंदगी नालों के जरिए न मिल सके और इन स्टेशन के जरिए पाइप के रास्ते में अंतिम छोर तक जा सके।

पहला नाला ट्रैफिक स्ट्रक्चर जाधव सागर के पास बनाया गया। दूसरे स्ट्रक्चर के लिए दुर्गामठ के पास शहर से निकले नाले पर जगह चिह्नित की गई है। यहां ठेकेदार ने स्ट्रक्चर खड़ा कर दिया, पर नगर पालिका ने यह कहते हुए काम रुकवा दिया क्योंकि इस नाले पर स्ट्रक्चर बन जाने से शहर के पानी निकास में दिक्कत होगी और बरसात के समय बाढ़ का खतरा रहेगा। अब प्लान को रीडिजाइन करने के लिए कहा गया है।

स्ट्रक्चर नहीं बना तो यह होगी परेशानी
सांख्य सागर झील को रामसर साइट में शामिल किया गया है। ऐसे में सीवेज की गंदगी सांख्य सागर में न जाए, ऐसे में कोर्ट के निर्देश के बाद गंदगी को पाइपों के जरिए शहर से बाहर निकालने की जिम्मेदारी पीएचई की थी। इस परेशानी का समाधान फिर अटक गया है क्योंकि एक चेंबर बन गया जबकि दूसरा अटका हुआ है। यदि इसी चेंबर से गंदगी को निकाला गया और कहीं यह गंदगी नाले में मिल गई तो इससे वहां के रहवासियों का रहना बदबू के चलते दूभर हो जाएगा। साथ ही स्वच्छ जल में भी गंदगी मिल जाएगी। इस वजह से दूसरा स्टेशन बनना जल्द अनिवार्य है, वरना यह प्रोजेक्ट पिछले 10 सालों से अटका हुआ है और इसे पूरा होने में फिर अधिक समय लगेगा।

प्लान रिडिजाइन करने के लिए कहा
नालों में पानी की सही निकासी न होने से शहर में बाढ़ के हालात बन सकते हैं। स्ट्रक्चर बन जाने से तो और परेशानी बढ़ेगी, इसलिए हमने पीएचई को प्लान को रीडिजाइन करने के लिए कहा है।
सचिन चौहान, सहायक यंत्री, नगर पालिका, शिवपुरी

नपा ने आपत्ति कर रुकवा दिया काम
हम तकरीबन 30 लाख की लागत से दुर्गा मठ के पास नाला ट्रैफिक स्टेशन बना रहे थे, लेकिन आपत्ति कर नगर पालिका ने काम रुकवा दिया। हम एक बार फिर से उनसे पत्र व्यवहार करेंगे।
एलपी सिंह, कार्यपालन यंत्री, पीएचई, शिवपुरी

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