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लुधावली में 4 पटवारी हल्के में 1 साल से रजिस्ट्री पर रोक, 10 करोड़ का कारोबार प्रभाबित / Shivpuri News

शिवपुरी: वन विभाग लुधावली क्षेत्र में वन भूमि पर अतिक्रमण रोकने में नाकाम रहा तो चार पटवारी हल्कों में दर्ज खसरों पर रजिस्ट्री रुकवा दी। एक साल बीत जाने के बाद भी राजस्व विभाग कुछ भी स्पष्ट नहीं कर पाया। जिला पंजीयक ने वन विभाग को पत्र लिखकर जमीन के संबंध में शासन के राजपत्र की कॉपी मांगी है। एक महीने बाद भी वन विभाग राजपत्र की कॉपी नहीं दे पाया है। जिला पंजीयन विभाग इस इलाके में रजिस्ट्री पर रोक से 10 करोड़ का रियल एस्टेट कारोबार प्रभावित हाेने का अनुमान लगा रहा है।


इस आंकडे काे सही मानें ताे इससे सरकार काे एक करोड़ से अधिक का राजस्व का नुकसान भी हुआ है। डीएफओ मीना कुमारी ने 30 दिसंबर 2021 को तहसीलदार व रजिस्ट्रार शिवपुरी को लुधावली बीट के तहत आने वाले खसरों के क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगाने संबंधी पत्र जारी किया था। शिवपुरी शहर के मदकपुरा, मगरोरा, शिवपुरी टुकड़ा नंबर 2 और फतेहपुर के कुल 369 सर्वे नंबरों पर रजिस्ट्री पर 13 महीने से रोक लगी है। जिला पंजीयन शिवपुरी की तरफ से डीएफओ शिवपुरी को 30 दिसंबर 2022 को पत्र जारी किया।

डीएफओ से संबंधित पटवारी हल्कों की जमीनों से संबंधित शासन से जारी राजपत्र की कॉपी मांगी लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी वन विभाग की तरफ से राजपत्र की कॉपी नहीं दी गई है। एेसे में इस इलाके में रजिस्ट्री पूरी तरह बंद हैं।

जमीन सीमा विवाद सुलझाने गठित जांच दल किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा
डिप्टी कलेक्टर बृजेंद्र सिंह यादव की अध्यक्षता में टीम गठित की गई। टीम में वन विभाग के तत्कालीन एसडीओ एमके सिंह शिवपुरी, मानचित्रकार पीएन पांडेय, रेंजर गोपाल जाटव, डिप्टी रेंजर आशीष समाधिया और राजस्व विभाग से एसडीएम यादव सहित तहसीलदार नरेश गुप्ता, आरआई नितेंद्र श्रीवास्तव व पटवारी विवेक रावत और विष्णु मौर्य शामिल रहे। 15 अक्टूबर 2022 को जांच दल मौके पर पहुंचा। हालात यह बने कि जांच दल किसी नतीजा नहीं नहीं पहुंचा और डीएफओ शिवपुरी के 30 दिसंबर 2021 के पत्र पर जारी स्थिति को यथास्थिति में रखने संबंधी रिपोर्ट सौंप दी। इसका खामियाजा जनता भुगत रही है।

तीन आरएफ नंबरों पर अतिक्रमण रोकने में नाकाम रहे, शिवपुरी शहर की एक चौथाई आबादी की नींद उड़ी
डीएफओ ने रेंजर के पत्र में लुधावली बीट के आरएफ 40, 41 व 43 में अवैध प्लॉटिंग कर मकान निर्माण व अतिक्रमण का हवाला दिया। शिवपुरी रेंजर ने वन विभाग व राजस्व का मानचित्र संग रखकर देखा तो राजस्व गांव मदकपुरा व मगरौरा के खसरे लुधावली बीट के वन क्षेत्र में आते हैं। डीएफओ ने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि उक्त भूमि वन अभिलेखों के अलावा यह जमीन राजस्व रिकार्ड में राजस्व की है। इस कारण सीमा विवाद की स्थिति पैदा हो गई है। इस पत्र ने शिवपुरी शहर की एक चौथाई आवादी की नींद उड़ा दी है।

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