शिवपुरी: शिवपुरी जेल में शराब के केस में बंद एक आदिवासी युवक की जेल प्रबंधन ने चोट काट दी थी। इसके विरोध में कैदी ने तीन दिन से आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि कुछ माह पहले दुर्योध्न आदिवासी निवासी शिवपुरी को शराब बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जेल प्रशासन ने जेल में उसकी कटिंग के दौरान कथित तौर पर उसके विरोध के बाबजूद उसकी माता पर चढ़ाने के लिए रखी गई बोलगत वाली चुटिया को काट दिया। इस चुटिया के कटने के उपरांत दुर्योध्न मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। दुर्योधन ने जब यह बात अपने स्वजनों को बताई तो उसकी मां ने कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह के यहां आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। इसके अलावा मानव अधिकार आयोग में भी मामले की शिकायत दर्ज कराई गई हैं। वहीं दूसरी और चुटिया कटने के बाद जेल में मानसिक रूप से परेशान चल रहे दुर्योधन ने तीन दिन से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि तीन दिन से जेल में कुछ भी नहीं खा पी रहे कैदी के संबंध में संज्ञान नहीं लिया है। ऐसे जेल प्रबंधन ने काट दी थी माता को चढ़ाने के लिए रखी चोटी में अगर कैदी का स्वास्थ्य खराब हो जाता है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन मुझे दुर्योधन के स्वजनों के माध्यम से इस बात की जानकारी लगी है कि वह जेल में चोटी काटने से क्षुब्ध होकर तीन दिन से आमरण अनशन पर बैठा हुआ है उसने न तो कुछ खाया है और न ही कुद पीया है। इसके बाबजूद जेल प्रबंधन ने कोई संज्ञान नहीं लिया। इस मामले में जेल के उन अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने जबरन उसकी चोटी काटी है। अगर दुर्योध्न को कुछ होता है उसके लिए जेल प्रबंधन जिम्मेदार होगा।






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