शिवपुरी: पन्ना टाइगर रिजर्व से अब बाघों की शिफ्टिंग की प्लानिंग की जा रही है। शिवपुरी जिले के माधव नेशनल पार्क में बाघों का संसार बसाने के लिए पीटीआर से एक युवा बाघिन के भेजने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पीटीआर प्रबंधन ने तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। फरवरी माह तक बाघिन की शिफ्टिंग किए जाने की तैयारी की जा रही है।
पन्ना टाइगर रिजर्व 2008 में टाइगर विहीन हो गया था। 2009 में यहां बाघों को पुनः स्थापित किया। अब 75 से अधिक बाघ हैं। इनमें करीब 24 बाघिन भी हैं। जो पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों के कुनवा बढ़ा रही हैं। एक साल में ही 16 से अधिक शावकों को बाघिनों ने जन्म दिया है। पीटीआर में 576 .13 वर्ग किलोमीटर के कोर क्षेत्र व 1021.97 वर्ग किलोमीटर के वफर एरिया है। इसमें बाघों के लिए अपनी टैरेटरी बनाने के लिए जगह कम पड़ने लगी है। इसलिए अब मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से अन्य नेशनल पार्कों के लिए भी बाघ और बाघिन भेजे जा रहे हैं।
बाघिन पर रख रहे नजर
पीटीआर के फील्ड डारेक्टर बृजेन्द्र झा ने बताया कि पीटीआर से एक युवा बाघिन शिवपुरी जिले के माधव नेशनल पार्क को आबाद करेगी। पहले जनवरी माह में ही बाघिन को माधव नेशनल पार्क भेजने के लिए तैयारी की गई थी। हालांकि अभी यह निर्णय नहीं हुआ है, कि कौन सी बाघिन को भेजा जाना है। वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम पीटीआर पहुंचकर यह निर्णय लेगी। उसके बाद यहां से बाघ और बाघिन की शिफ्टिंग की जाएगी।






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