शिवपुरी के सिटी कोतवाली क्षेत्र के सिहनिवास गांव के पास ओवरब्रिज के पास बने घर में अज्ञात लोगों के द्वारा विस्फोटक रख दिया। समय रहते ग्वालियर के बीडीडीएस की टीम ने विस्पोटक को डिफ्यूज कर दिया था। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है। घर में रखे विस्पोटक मामले में नया मोड़ सामने आया है। ग्राम सिंहनिवास के सरपंच पति ने मीडिया के समक्ष पूर्व जनपद अध्यक्ष पारम रावत पर उसे मारने की सुपारी देने का आरेाप लगाया है। इस पूरे मामले में पूर्व जनपद अध्यक्ष का कहना है कि पुलिस सहित जितनी भी इनवेस्टिगेटिंग एजेंसी होती हैं, वह सभी पूरे मामले की जैसी चाहें जांच कर लें और दूध का दूध पानी का पानी करें।
2 दिन पहले सिरनाम सिंह राजावत के घर के बाहर रेत के टीले में दवा विस्फोटक देखा गया। विस्फोटक में से दो तार निकले थे। जो करीब 25 फीट दूर तक अंडर ग्राउंड तार ले जाए गए थे। इस विस्पोटक और तारों को सिरनाम के बेटे दीपक द्वारा देखा गया था। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई तो पुलिस ने ग्वालियर से बीडीडीएस की टीम को बुलाया जिसने इस बम को बैटरी से करंट देकर विस्फोट किया।
सिंहनिवास पंचायत की महिला सरपंच पूजा रावत के पति प्रभात रावत ने इस बम कांड में खुद को जोड़ते हुए कहा कि यह बम उसे मारने के लिए रखवाया गया था। उसके गांव के दुश्मन उसे मारना चाहते हैं। प्रभात का कहना है कि उसने गांव के पूर्व जनपद अध्यक्ष पारम रावत और उसके परिवार की 30 साल की सत्ता छीन ली है, यही कारण है कि पारम रावत ने उसे मारने के लिए बम रखवाया। इस पूरे मामले में जब प्रभात रावत से पूछा गया था कि बच्चे कुणाल की मां के पास जो फोन आया था उसकी लोकेशन दिल्ली की थी। इस पर प्रभात ने खुलकर कहा कि उसकी सुपारी दी गई है। उसे गांव के सूत्रों से इस बात की जानकारी लगी है कि पारम रावत ने दिल्ली के गैंगस्टरों को उसकी सुपारी दी है। इस पूरे मामले में जब पारम रावत से बात की गई तो पारम ने कहा कि पुलिस जिस तरह से जांच कर सकती है वैसे जांच कर लें। इसके अलावा आईबी, सीबीआई सहित जितनी भी जांच एजेंसी होती हैं उन सबसे मामले की जांच करवा ली जाए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है।






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