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लाठी चार्ज का आर्डर देने वाली तहसीलदार रूचि अग्रवाल कार्रवाई से बाहर / Shivpuri News

शिवपुरी। करैरा के ग्राम गधाई में पुलिस द्वारा किए गए लाठी चार्ज में एक मासूम की मौत हो गई तथा एक मासूम गंभीर घायल हो गया। वहीं पुलिस के जवान भी घटना में घायल हो गए। पूरा मामला निर्माण कार्य को लेकर घटित हुआ। यहां अशोक जाटव व उसके परिजनों ने बताया कि ठेकेदार अवैध तरीके से उसके खेत में पुलिया का निर्माण करवा रहा था। मामले को लेकर जब एस्टीमेट की कॉपी मांगी तो ठेकेदार ने देने से मना कर दिया। इसके बाद ठेकेदार ने मौके पर तहसीलदार रूचि अग्रवाल को बुला लिया। वहीं मामले को लेकर हमने तहसीलदार से भी मामले में बातचीत की लेकिन ठेकेदार से सांठगांठ के चलते तहसीलदार ने हमारी बात को अनसुनवा कर दिया और पुलिस को बुला लिया। यहां हम शांतिप्रिय तरीके से बातचीत कर रहे थे लेकिन इसी बीच तहसीलदार ने पुलिस को लाठी चार्ज करने का आदेश दे दिया। इस लाठी चार्ज में 1 साल के बच्चे शिवा की मौत हो गई।

यहां बता दें कि इस कार्रवाई में पुलिस के साथ-साथ तहसीलदार रूचि अग्रवाल भी बरामर की दोषी है लेकिन उनका नाम एफआईआर में नहीं आया। इतने जिम्मेदार पद पर रहते हुए उन्होंने कैसे पुलिस को लाठी चार्ज का ऑर्डर दे दिया यह समझ में नहीं आया। शायद तहसीलदार को लाठी चार्ज के बारे में जानकारी नहीं है कि अगर बहुत ही विषम परिस्थियां बन जाए तो इसके बार परस्थिति से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाता है इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाता है लेकिन सूत्रों की मानें तो मामले में तहसीलदार ने किसी से भी बातचीत नहीं की और अपनी मनमानी करते हुए सीधे लाठी चार्ज का ऑर्डर दे दिया और इसका नतीजा यह हुआ कि एक साल के मासूम की जान चली गई और एक बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। अगर उस समय ग्रामीण द्वारा कहीं बात को मान लिया होता तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता। मामले में तहसीलदार मैडम अभी तक पूरे घटनाक्रम से बाहर बनी हुई है।

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