शिवपुरी: जिले में मांग अनुरूप डीएपी खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों को सरसों बोवनी में समस्या आ रही है। शिवपुरी जिले से अक्टूबर में 15 हजार मीट्रिक टन डीएपी की मांग शासन को भेजी थी, लेकिन अभी तक 7500 मीट्रिक टन ही खाद उपलब्ध हो पाया है। बारिश के राहत के बाद अब किसानों के सामने खाद का संकट गहरा गया है। आसमान साफ रहने की वजह से जिले में चार दिनों से बारिश का दौर थमा है। मौसम खुलने से खेत बोवनी लायक हो गए हैं। किसानों के पास सरसों की बोवनी करने 25 अक्टूबर तक का समय है।
शिवपुरी जिले को मांग के अनुरूप आधी मात्रा में ही खाद उपलब्ध हो पाया है। ऐसे में किसान डीएपी खाद के लिए भटक रहे हैं। ज्यादा बारिश के चलते पिछले साल की तरह ही साल किसानों का रुझान सरसों की खेती की तरफ है। इस साल कृषि विभाग ने भी सरसों का रकबा बढ़ाकर 1.25 लाख हैक्टेयर कर दिया है। यह 1.50 लाख हेक्टेयर पहुंचने का अनुमान है। बता दें कि साल 2020 में सरसों का रकबा महज 48 हजार हेक्टेयर था। रकबा बढ़ने के साथ डीएपी की मांग भी किसानों के बीच में ज्यादा बढ़ गई है।
किसानों को सलाह: सरसों के दाने में तेल की मात्रा बढ़ाने डीएपी की जगह एनपीके 20:20:13 का इस्तेमाल करें
उप संचालक कृषि यूएस तोमर ने बताया कि डीएपी की जगह किसानों को एनपीके 20:20:13 का इस्तेमाल करें। इस खाद से सरसों दाने में तेल की मात्रा बढ़ेगी और इसी के साथ वजन भी बढ़ेगा। किसानों को ज्यादा फायदा रहेगा। उक्त खाद का किसान अगर इस्तेमाल करें तो डीएपी की समस्या भी स्वत: ही खत्म हो जाएगी। इस संबंध में सभी कृषि ग्रामीण विस्तार अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश जारी कर दिए हैं। जिससे कि किसानों के बीच एनपीके का उपयोग बढ़ाया जा सकें और उन्हें इसके फायदें के बारे में समझाया जा सकें।
सीसीबी घोटाले का खाद वितरण पर भी असर
शिवपुरी जिले में सीसीबी (केंद्रीय सहकारी बैंक) शिवपुरी की कोलारस शाखा में 80.52 करोड़ के गबन का केस दर्ज हुए एक साल बीत गया है। लेकिन रिकवरी नहीं हो सकी है। सहकारी बैंक पर लगभग 19 उधार होने से मार्कफेड से ना के बराबर उधार खाद मिल पा रहा है। सोसायटियों से पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिलने से किसान सदस्य परेशान हैं। हालांकि 13 अक्टूबर को सभी डिफाल्टर सहकारी समितियां के माध्यम से नगद में खाद वितरण की अनुमति जारी हो गई है।
इस साल जिले में 36 हजार मीट्रिक टन डीएपी की मांग, अब तक 21% आया
कृषि विभाग ने शिवपुरी जिले में इस रबी सीजन के लिए डीएपी खाद की कुल मांग 36 हजार मीट्रिक टन भेजी है। जिसकी तुलना में 7500 मीट्रिक टन यानी लगभग 21% ही डीएपी उपलब्ध हो पाया है। अक्टूबर में 15 हजार की मांग थी लेकिन शासन से 7500 मीट्रिक टन ही मिल पाया है। सरसों की बोवनी के लिए किसानों में डीएपी की मांग अधिक है। डीएपी पर्याप्त मात्रा में नहीं आने से किसान परेशान हो रहे हैं।

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