Press "Enter" to skip to content

खाद, बिजली और नुकसान का दिया जाए मुआवजा नहीं तो करेंगे आंदोलन / Shivpuri News

शिवपुरी: लौटते मानसून की तेज बारिश ने किसानों की फसल तो चौपट कर ही दी, साथ ही प्रशासन को भी परेशान कर दिया है। क्षेत्र में किसानों की फसलों का सही सर्वे करना चुनौती बन गया है। किसान और जनप्रतिनिधियों द्वारा 70 से 100 प्रतिशत नुकसान का आकलन बताना और प्रशासन द्वारा 10 से 12 प्रतिशत नुकसान का आकलन करना भविष्य में संघर्ष को जन्म दे सकती है। जिला पंचायत सदस्य मनीराम लोधी ने तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर को दिए ज्ञापन में लिखा है कि अन्नदाता किसान की फसलें चौपट हो गईं हैं।

ऐसे में टीम को शीघ्र ही सर्वे करना चाहिए। सिरसौद-पिछोर सड़क की बजह से कई घरों में पानी भर जाता है, इसका निराकरण किया जाए। कृषि उपज मंडी में किसानों को कोई सुविधा नहीं मिलती है, इसके लिए मंडी अधिकारियों को निर्देश दिए जाए। लोधी ने ज्ञापन में कहा किसानों को अगली फसल के लिए खाद, बीज की जरूरत पड़ेगी गत वर्ष जिले में खाद मंहगे दामों पर मिला था। इस बार ऐसी स्थिति न बने इसके लिए पहले से ही व्यवस्था की जानी चाहिए।

पटवारियों के स्थानांतरण से सर्वे लेट होने की आशंका
ज्ञापन में अखाई नदी का जाम खुलवाने में तहसीलदार और सिंचाई विभाग द्वारा दिए गए आश्वासन को समय सीमा में पूरे किए जाए। लोधी ने बताया किसानों की समस्याओं के लिए सरकार को संवेदनशील होकर के सुलझाना चाहिए। इस समय किसान को राहत की जरूरत है, इसलिए जिला प्रशासन को फील्ड कर्मचारियों को सख्त निर्देश देकर सर्वे कार्य समय सीमा में पूरा करवाना चाहिए। इधर पटवारियों के स्थानांतरण होने से सर्वे लेट होने की आशंका बन गई है। ऐसे में स्थानांतरित कर्मचारियों को अभी कार्यमुक्त नहीं किया जाना चाहिए। लोधी ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर न किया जाए।

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »
More from ShivpuriMore posts in Shivpuri »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!