बाइक लेने गए युवक के नाम 10 माह पहले 2 लाख 7 हजार का लोन स्वीकृत हुआ, उसे पता तक नही
कोलारस। नगर में अभी सहकारिता बैंक में 80 करोड़ रुपये के घोटाले की बात अभी ठंडी भी नही हुई थी कि अब मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस लिमिटेड ब्रांच में उपभोक्ताओं के साथ फर्जी लोन का मामला सामने आया है बताया जाता है कि ब्रांच के पूर्व मैनेजर विक्रम पाल ने ब्रांच के एक दर्जन के करीब खाता धारकों के नाम पर लोन लेकर अब फरार हो गए वहिं मणप्पुरम ब्रांच प्रबन्धक फिलहाल मामले पर ऑन रिकॉर्ड कुछ कहने से बच रहे है जानकारी के अनुसार पीड़ित युवक भानु प्रताप परमार का कहना है कि उसने 10 महीने पहले ब्रांच में खाता खोलने के आधार कार्ड दिया था लेकिन फिर जरूरत नही पड़ी अब जब वह दीवाली पर बाइक उठाने के लिए लिए दिए था सिविल चैक करने के दौरान उसपर लोन की जानकारी मिली जिस पर बताया गया कि मणप्पुरम ब्रांच में लोन है उसे सेटल करवाये जिस पर युवक हैरान हुआ और ब्रांच पहुंचा तो उसके खाते पर 2 लाख 7 हजार का लोन बताया गया पूछने पर पता चला कि पूर्व ब्रांच मैनेजर इस तरह की गड़बड़ी करके फरार हो गया है ऐसे कई और लोगो के नाम फर्जी लोन होने की जानकारी भी मिली है मणप्पुरम बैंक में करीब 250 खाते बताए जा रहे है जिसमे करीब एक दर्जन के करीब लोगो के साथ ठगी की बात सामने आ रही फिलहाल मणप्पुरम प्रबंधक कुछ भी बताने को तैयार नही है
गोल्ड रखने के बाद पर्ची भी वापिस ले ली –
लेकिन पूर्व ब्रांच मैनेजर विक्रम पाल द्वारा की गई धोखधड़ी के घटना के बाद अंदाजा लगाया जा रहा है लोन के नाम धोखाधड़ी की रकम रखम लाखो में हो सकती है मामले की जानकारी लगते ही कई और लोगो ने मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस लिमिटेड से सम्पर्क किया है और मीडिया कर्मियों को बताया कि ज्यादा गोल्ड पर कम लोन दिया और बाद में उसी रकम पर और पैसे फाइनेंस करके धोखाधड़ी की है बताया जा रहा है कि गोल्ड रखने के बाद ज्यादातर लोगों न तो पर्ची दी गई या किसी बहाने से पर्ची उपभोक्ता से ले ली है अब उपभोक्ता असमंजस में है कि क्या करे
लोन के बदले जो सोना रखा उसमे रिमार्क की सील लगी है –
बताया जाता है पूर्व ब्रांच मैनेजर विक्रम पाल ने अपने कार्यकाल में किसी और का सोना रखकर फर्जी लोन स्वीकृत कराए है जिनके बदले में जो सोना रखा है उसके पैकेड में रिमार्क की पर्ची डली है जिसका मतलब है सोने में कोई कमी है जिस पर अंदाज लगाया जा रहा है सोने के साथ भी ब्रांच में हेरा फेरी की गई है जिसकी जाँच होना बाकी है अगर सोना नकली या मिलावटी निकला तो उपभोक्ता सहित ब्रांच को नुकसान उठाना पड़ेगा
ब्रांच कर्मचारियो को भी बनाया शिकार –
ब्रांच में काम करने वाले कुछ युवक भी पूर्व ब्रांच मैनेजर की ठगी का शिकार हुए है उनका कहना है कि फर्जी तरीके से रिमार्क सोना रखखकर उनकी आईडी का इस्तेमाल करते हुए लोन बांटे गए बाद भी सोना डिफॉल्ट निकला जिसका भुगतान अब उनके हिस्से में आ रहा है जिसके लिए नोकरी से रिजाइन देने के बाद भी युवक बैंक के चक्कर लगा रहे है
इनका कहना है –
में नई बाइक लेने के लिए शो रूम गया था वहां मुझे मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस लिमिटेड में लोन की जानकारी मिली जबकि मेने कोई लोन लिया ही नही है में बैंक गया भोपाल तक शिकायत की कोई जवाब नही मिला थाने गया वहां से यह कहकर लोटा दिया कि बैंक से लिखवाकर लाओ
भानु प्रताप परमार – पीड़ित युवक






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