पीड़ित बोला, मेरा मोबाइल कलारी पर गिरवीं रख कर पी शराब, छोड़ने के बदले लिए लिए तीन हजार
गणपति के विमान निकलते समय गांव वालों से भी हुआ था झगड़ा और हाथापाई
शिवपुरी: सुरवाया थानांतर्गत ग्राम गढ़ीबरौद में रहने वाले एक ग्रामीण ने डायल-100 के स्टाफ पर खुद को जबरन गाड़ी में डालकर ले जाने सहित मारपीट करने व पैसे छीनने का आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि डायल-100 के स्टाफ ने उसका मोबाइल कलारी पर गिरवीं रख कर शराब पी और जब विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई तब उसके परिवार वालों से तीन हजार रुपये की रिश्वत लेकर उसे छोड़ा गया।
जानकारी के अनुसार ग्राम गढ़ीबरौद में गुरूवार की शाम गणपति विसर्जन के दौरान शोभा यात्रा निकली। इस शोभा यात्रा में पूरा गांव शामिल हुआ। पूरा गांव जब झूमते गाते और नाचते हुए भगवान को विसर्जन के लिए ले जा रहा था, इसी दौरान वहां से सुरवाया थाने की डायल-100 निकली। बताया जा रहा है कि पुलिस का वाहन शोभा यात्रा में शामिल एक महिला को लग गया, जिसकिे बाद गांव वालों की पुलिसकर्मियों से कहासुनी तथा झूमाझटकी भी हो गई। विवाद के बाद डायल-100 वाहन वहां से लौट रहा था, इसी दौरान गढ़ी बरौद निवासी गंधर्व सिंह पुत्र माधौ सिंह चौहान मोहनगढ़ से आते हुए डायल-100 के पास से गुजरा तो डायल-100 में तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे चांटा मार दिया। पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि इसके बाद वह उसे वाहन में डालकर गांव के बाहर ले गए और उसे लाठियों से इतनी बुरी तरह पीटा कि उसके पूरे शरीर पर चोटों के गंभीर निशान हैं। गंधर्व सिंह के अनुसार पुलिस वालों ने उसकी जेब में रखे 27 हजार रुपये तथा कान में पहनी सोने की वाली निकाल ली और जब वह बेहोशी की स्थिती में आ गया तो उसे थाने ले गए। बकौल गंधर्व सिंह जब इस बात की जानकारी उसके स्वजनों को लगी तो वह उसे छुड़ाने के लिए थाने पहुंचे इसके साथ ही एसपी व एडीशनल एसपी को मामले की जानकारी दी गई। अधिकारियों के हस्तक्षेप के उपरांत सुरवाया पुलिस ने उसे छोड़ा, लेकिन अधिकारियों के कहने के बाबजूद भी उसके परिवार वालों से तीन हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। चूंकि स्वजनों पर वहां रूपये नहीं थे तो उन्होंने एक व्यक्ति से पैसे उधार लेकर पुलिस वालों को रिश्वत दी तब कहीं जाकर उसे छोड़ा गया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि पुलिस वालों ने उसका मोबाइल कलारी पर गिरवीं रख कर शराब पी। इस संबंध में जब सुरवाया थाना प्रभारी रामेंद्र चौहान को फोन लगाए गए तो उनका फोन नहीं लगा।
इनका कहना है
-गुरूवार को डायल-100 वालों का ग्रामीणों के साथ कोई विवाद हुआ था। इसी दौरान गंधर्व सिंह चौहान को वह उठाकर थाने ले गए थे। तत्समय तो दोनों पक्षों में बातचीत होकर राजीनामा हो गया था। आज कुछ लोग आए थे, मैंने एसडीओपी करैरा को मामले की जांच करने को कहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अाधार पर आगे कार्रवाई करेंगे।
राजेश सिंह चंदेल
एसपी शिवपुरी






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