शिवपुरी: कोलारस थाना क्षेत्र के भड़ोता गांव के पास लोग थोड़े से मुनाफे के लिए सिंध नदी से बहकर आई रेत को निकालने के लिए अपनी जान को जोखिम में डालते हुए गहरे नदी में उतर रहे हैं, जहां से रेत को नदी के किनारे पर इकट्ठा करते हैं, जिसके बाद उस इकट्ठी की हुई रेत को ट्रेक्टर-ट्रॉली में भरकर ले जाया जाता है।
जानकारी के अनुसार यह सब क्षेत्र के युवा महज कुछ भी रुपयों के लिए करते है और अपनी जान को जोखिम में डाल रहे हैं। इस गतिविधि पर अब तक कोलारस थाना पुलिस सहित खनिज विभाग की नजर नहीं पड़ी, इसी के चलते हर रोज निरंतर यहां क्षेत्रीय लोग अपनी जान को जोखिम में डालते हुए गहरे नदी के पानी में उतरते हैं और वहां से रेत का भंडारण नदी के मुहाने पर करते हैं।
गौरतलब है कि बीते दिनों में तेज बारिश के बाद सिंध नदी में काफी उफान आया था, जिसके बाद रेत भी बहकर नदी में आई हुई थी। उक्त रेत को निकालने में क्षेत्रीय लोग अपनी जान को जोखिम में डाल रखे हैं। जबकि इसी वर्ष इसी जगह पर कई लोगों की जान जोखिम में पड़ गई थी। वहीं पास ही में राम की घाट पर एक युवक की मौत सिंध नदी में डूब जाने से हो गई थी।
माफिया बना रहे हैं युवाओं को शिकार
कुछ रेत का कार्य करने वाले लोग गांव के युवाओं को एकत्रित कर उनसे नदी में से रेत निकालने का कार्य करवा रहे हैं, जिसके एवज में उन्हें एक ट्रॉली रेत भरने के बाद एक हजार रुपए उक्त ठेकेदारों के ओ से दे दिए जाते हैं। वहीं यह युवा महज एक हजार के लालच में अपनी जान को जोखिम में डालते हुए गहरी नदी में जाते हैं और वहां से रेत का संग्रहण कर रहे हैं।
इस पूरे मामले में कोलारस एसडीएम ब्रजविहारी श्रीवास्तव का कहना है कि उनके संज्ञान में यह बात लाई गई है कि वह जल्द ही अवैध रेत का कारोबार करने वालों पर कार्रवाई करेंगे।






Be First to Comment