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भीम आर्मी ने मुक्त कराया मजदूरों को, महाराष्ट्र में ठेकेदार ने कर लिया था चार लाख रुपए में सौदा / Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी के सुरवाया थाना क्षेत्र के ग्राम डबिया से लगभग चार दर्जन के लगभग मजदूरों को इंदौर में काम कराने का झांसा देकर ुकुछ लोग महाराष्ट्र ले गए। महाराष्ट्र पहुंचने पर मजदूरों ने अपना वीडियो वायरल कर मदद की गुहार लगाई। डबिया गांव से आदिवासी परिवार के सदस्य मजदूरी करने के लिए बाहर जाते हैं। इन्हें कुछ लोग इंदौर में गन्नों के खेतों पर काम कराने के लिए ले गए थे। इन्हें एक ट्रक में बैठाकर उसे तिरपाल से ढंक दिया। शिवपुरी से इंदौर पहुंचने में 8 से 10 घंटे का समय लगता है। जब इससे कहीं अधिक समय बीत गया तो मजदूर पानी पीने और पेशाब जाने के बहाने से उतर गए और महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के दौलताबाद थाने पहुंचे और अपनी पीड़ा सुनाई दौलताबाद पुलिस ने भी गरीब आदिवासियों की कोई मदद नहीं की और कहा कि तुम लोगों का कॉन्ट्रेक्ट होगा इसलिए तुम ठेकेदार के साथ ही जाओ। इसके बाद मजदूरों ने अपनी पीड़ा का एक वीडियो बनाया और उसे वायरल कर दिया।

वीडियो वायरल होने के बाद भीम आर्मी हरकत में आई। यहां मोहना में रहने वाले भीम आर्मी के सदस्य रिंकू खान ने भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश जौराटी को मामले की जानकारी से अवगत कराया। जौराटी ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से मजदूरों को ठेकेदार के चंगुल कराने के प्रयास में जुट गए। यहां उन्होंने महाराष्ट्र में आजाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राहुल प्रधान को जानकारी दी जिस पर राहुल प्रधान ने दौलताबाद पहुंचकर मजदूरों को मुक्त कराया और उन्हें शिवपुरी भिजवाने का इंतजाम किया। जौराटी ने बताया कि उक्त मजदूरों को ठेकेदार महाराष्ट्र में बेचने ले गया था और उनका 4 लाख रुपए में सौदा कर दिया था लेकिन भीम आर्मी की सजगता से मजदूरों को मुक्त करा लिया गया है।

इन मजदूरों को ले जाया गया महाराष्ट्र

मजदूरों के साथ छोटे बच्चे और महिलाएं भी हैं और इनकी संख्या करीब 40 है। ग्राम डबिया से जिन आदिवासी मजदूरों को ले गया उनमें रामकुमार पुत्र अमोल आदिवासी , मदन पुत्र अमोल आदिवासी, वर्षा पुत्री रामकुमार, हरिकिशन पुत्र पतुआ आदिवासी, कृष्णा पत्नि हरिकिशन आदिवासी, रेशमा पुत्री जनवेद, रोहनी पुत्री हरिकिशन आदिवासी, रामकिशन पुत्र हरपाल आदिवासी, शांति पत्नि रामकिशन आदिवासी, अमित पुत्र रामकिशन, राधा पुत्री रामकिशन, रजनी पुत्री रामकिशन, लक्खी पुत्री हरज्ञान, रजनी पत्नि हरज्ञान, रबिना पुत्री लक्खी, नीतेश पुत्र लक्खी, रोली पुत्री लक्खी, गुलशन पुत्र लक्खी, विवेक पुत्र लक्खी, हरगोविन्द पुत्र मुन्नाा, मिती पुत्री हरगोविन्द, दीनू पुत्र हरगोविन्द, दीपू पुत्र हरगोविन्द , आनंद पुत्र हरगोविन्द, सौरभ पुत्र हरगोविन्द, विजयसिंह पुत्री हुकमी, कैलाशी पत्नि विजयसिंह, रेशमा पुत्री विजयसिंह, प्रेमचंद्र पुत्र विजयसिंह, राज पुत्र विजयसिंह, अवनी पुत्री विजयसिंह, कल्ली पुत्री हुकमी, देवकी पुत्री कल्ली, कलो पुत्री कल्ली, चंदा पुत्र कल्ली, सूरज पुत्र कल्ली, रानी, राधा आदि परिवार शामिल हैं जिन्हें मजदूरी का झांसा देकर इंदौर की कहकर महाराष्ट्र ले जाया गया है।

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