Press "Enter" to skip to content

हमारा अभिमान ही हमारे पतन का कारण: पं वासुदेव महाराज / Shivpuri News

शिवपुरी: कुंडा सरकार हनुमान मंदिर कोलारस पर चल रही आठ दिवसीय संगीतमय श्रीरामकथा में उपस्थित श्रोताओं को कथा व्यास पं. श्री वासुदेव महाराज ने चतुर्थ दिवस की कथा सुनाते हुए कहा कि अभिमान मनुष्य के जीवन का सबसे बड़ा शत्रु होता है,यह व्यक्ति के जीवन में पतन का सबसे प्रमुख कारण बन जाता है।इसीलिए तुलसीदास जी कहते हैं कि-सकल शोक दायक अभिमान किया था लंकाधिपति रावण ने,परिणाम क्या हुआ-एक लाख पूत सवा लाख नाती,जाके घर मे दिया ना बाती।आमूलचूल नाश हो गया।
मथुरा नरेश कंस ने अभिमान किया तो भगवान ने स्वयं अवतरित होकर उसके प्राण हरकर व उसका सर्वनाश कर उसका अभिमान चूर चूर कर दिया।
जब देवर्षि नारद को अभिमान हुआ कि मैंने कामदेव पर विजय प्राप्त कर ली है और अब मैं महादेव से भी आगे हो गया हूँ तो उन्हें भी नर से वानर बन कर अपमानित होना पड़ा। जब हाथियों के राजा गजेंद्र को अभिमान हुआ तो ग्राह ने उसका अभिमान भंग किया और जब गरुड़ ने अभिमान किया कि मेरे बिना भगवान का काम नहीं चल सकता तो उन्हें भी मात खानी पड़ी। अर्थात जिसने भी अपने जीवन मे सौम्यता और सरलता अनुशरण किया वो सुखी रहा। अतः मनुष्य को सदैव ईश्वर भक्ति करते हुए यह प्रार्थना करनी चाहिए कि वो हमें कभी अभिमान न होने दें।
चौथे दिन की कथा समापन पर भक्तगणों द्वारा सामूहिक आरती की गई ततपश्चात प्रसाद वितरण संपन्न हुआ।

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »
More from ShivpuriMore posts in Shivpuri »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!