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मां कालका ट्रेडर्स खाद बीज भंडार पर नकली दवाई देने का आरोप, 150 बीघा धान की फ़सल खराब / Shivpuri News

शिवपुरी: नरवर तहसील अंतर्गत मगरौनी क्षेत्र के ग्राम ढिगवास में किसानों की खेत मे खड़ी हुई धान की खेती नकली दवाई डालने से खराब हो गई। किसानों का आरोप है कि अब तक न ही खेतों का मुआयना करने कोई प्रशासनिक अमला पहुंचा। ना ही दवाई देने वाले दुकानदार पर कोई कार्रवाई हुई।

मगरौनी क्षेत्र के ग्राम ढिगवास के रहने वाले किसान इंद्रजीत ने बताया कि उसने और गांव के अन्य 8 से 10 किसानों ने धान की फसल लगभग 150 बीघा में बोई थी। फसल अच्छी खासी खेत मे लहराना शुरू हो गई थी। इसी बीच धान की फसल में कीटनाशक दवा का छिड़काव करना था। इसके लिए सभी ग्रामीणों ने मगरौनी के मां कालका ट्रेडर्स खाद बीज भंडार से धान की फसल में दवाई डालने “नाग 455” नाम की कीटनाशक दवा खरीदी थी। जिसे डालने की प्रक्रिया भी समझी थी। जिसके बाद सभी किसानों ने कीटनाशक दवा को अपनी अपनी धान की फसलों में डाल लिया था। परंतु दवा के चलते फसल खराब हो गई। इससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है। उन्हें शक है कि उन्हें नकली दवा मां कालका ट्रेडर्स से मुहैया कराई गई। जिससे उनकी फसल नष्ट हो गई। इसकी शिकायत उन्होंने कलेक्टर से भी की है। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह का कहना है कि एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में निर्देश दिए गए है कि किसानों के खेतों के निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाए साथ ही उस दवा का भी परिक्षण कर जांच करें।

सालों से नहीं पहुंचा क्षेत्र में कृषि विभाग

ग्रामीणों ने बताया मगरौनी में क्षेत्र में सालों से कृषि विभाग का एक भी कर्मचारी नहीं आया। जिससे यह जानकारी मिल सके कि दवा को किस प्रकार और कितनी मात्रा में फसलों में डालनी चाहिए। ऐसे में फसल नष्ट होने का एक कारण यह भी हो सकता है। परंतु इसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए।

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