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रामकथा मानव को भवसागर से पार कराती है: पं. वासुदेव महाराज / Shivpuri News

प्रसिद्ध संत सियाराम महाराज के ब्रह्मलीन होने पर रामकथा का आयोजन

शिवपुरी: पृथ्वी पर रामकथा ही ऐसा महत्वपूर्ण अलौकिक उपाय है जो प्राणी को समस्त सांसारिक बंधनों से मुक्त कर उसे संसार रूपी भवसागर से पार कराता है।राम नाम मात्र ही इस संसार मे सभी दुखों से निजात दिलाने में सक्षम है फिर यदि रामकथा का श्रवण हो जाए तो फिर मनुष्य सरलता से प्रभु श्रीराम की कृपा का पात्र हो जाता है। सत्य ही वाणी का तप है।असत्य बोलने वाला भी दूसरे से सदैव सत्य बोलने की ही आशा करता है।
उक्त वचन कथा व्यास पं. श्री वासुदेव महाराज ने कुंडा सरकार हनुमान मंदिर कोलारस में संगीतमय श्रीरामकथा के प्रारंभ दिवस के अवसर पर उपस्थित श्रोताओं को कथा का महात्म्य समझाते हुए कही।विदित हो कि प्रसिद्ध संत श्री श्री 1008 सियाराम महाराज जी के ब्रह्मलीन होने पर नौ दिवसीय श्रीरामकथा का आयोजन भक्तगणों द्वारा किया गया है।
आयोजन का प्रारंभ रविवार को प्रातः 11 बजे कलश पूजन के उपरांत कलशयात्रा के साथ किया गया। तत्पश्चात रामायण के पूजन,आरती के साथ कथा प्रारंभ हुई। कथा के प्रारंभ में कथा व्यास पं. वासुदेव महाराज ने कथा का महात्म्य समझाते हुए मंगलाचरण के सात श्लोकों का महत्व बताया एवं प्रत्येक श्लोक का विस्तार से अर्थ समझाया, फिर कथा प्रारंभ की। इस अवसर पर कुंडा सरकार हनुमान मंदिर पर दूर दूर से आये साधू संतों और भक्तों ने आयोजन में भाग लेकर कथाश्रवण का लाभ लिया। कथा का समापन 29 अगस्त को हवन एवं साधू भंडारे के साथ होगा।

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