शिवपुरी। वरिष्ठ अधिवक्ता व भूतपूर्व अध्यक्ष जिला अभिभाषक संघ शिवपुरी विजय तिवारी ने प्रमुख सचिव जनजातीय कल्याण विभाग को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कलेक्टर द्धारा तृतीय श्रेणी कर्मचारी महावीर जैन को अवैध तरीके से आदिम जाति कल्याण विभाग का प्रभार सौंपे जाने की बात कही है।
अधिवक्ता विजय तिवारी ने बताया कि महावीर प्रसाद जैन मूलतः मप्र शासन के जन जातीय कल्याण विभाग में कार्यक्रम निरीक्षक के पद पर पदस्थ है। उक्त पद शासन के नियमानुसार तृतीय श्रेणी का है। यह सभी को मालूम है कि तृतीय वर्ग के किसी भी कर्मचारी को द्धितीय अधिकार एक मात्र शासन द्धारा प्रत्योजित किए जा सकते हैं। जब िकोषालय संहिता के भाग 1 के सहायक नियम 125 के प्रावधान अनुसार आहरण, संवितरण का अधिकार केवल राजपत्रित अधिकारी को ही होता है, जो कि महावीर जैन उक्त द्धितीय वर्ग अधिकारी की श्रेणी में नहीं आते हैं। वहीं महावीर जैन के विरूद्ध लोकायुक्त पुलिस छिंदवाडा द्धारा 20 हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने पर अपराध दर्ज हुआ था और जैन को निलंबित कर दिया गया था।
पूर्व में कलेक्टर शिवपुरी द्धारा महावीर जैन कार्यक्रम निरीक्षक को जनजातीय कल्याण विभाग को मुख्य नगर पालिा अधिकारी, नगर पालिा परिषद शिवपुरी का प्रभारी, जिला शहरी विकास अधिकरण डूरा शिवपुरी पीओ तथा प्रभारी अधिकारी नगर परिषद मगरौनी के महत्वपूर्ण प्रभार सौंप रखे थे जिसकी संबंध में मेरे द्धारा प्रमुख सचिव एवं आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल को शिकायत की गई थी इसके बाद कलेक्टर महावीर जैन ने उक्त समस्त प्रभार वापस ले लिए थे।
एडवोकेट विजय तिवारी ने बताया कि जनजातीय कल्याण विभाग मप शासन का अत्यधिक महत्वपूर्ण विभाग है। उक्त विभाग के गठन का उद्देश्य समाज के वंचित, शोषित व आखिरी छोर पर खडत्रे नागरिकों का कल्याण करना है, इतने अत्यधिक महत्वपूर्ण शासकीय विभाग के जिला संयोजक जैसे महत्वपूर्ण पद पर तृतीय श्रेणी कर्मचारी को जिला संयोजक का पदभार सौंपा जाना अपने आप में आश्चर्यजनक तथा नियमों के विरूद्ध है। इसलिए महावीर जैन की अवैध नियुक्ति को तत्काल निरस्त किया जाए।






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