सुनील रजक शिवपुरी. नगरीय निकाय चुनाव का आज समापन हुआ वहीं 39 वार्ड़ो में 22 सीट भाजपा ने जीत हासिल की वहीं 10 कांग्रेस और 7 निर्दलीय सीट निकली थी इसके बाद हुई तेज क़वायद जारी, अध्यक्ष पद के चलते कई घमासान पार्टियों में रहा वहीं उपाध्यक्ष की कुर्सी किसे मिले यह बात किसी को हजम नहीं हो रही थी, अब किसको उपाध्यक्ष के लिए मनाया जाए और कौन माने यह बात लगातार सबको सता रहीं थी. लेकिन आज सब बातों पर पानी फिर गया अब अध्यक्ष गायत्री शर्मा को बनाया गया वहीं उपाध्यक्ष सरोज रामजी व्यास को बनाया गया हैं
अध्यक्ष पद का नाम आखिर दीप्ति भानू दुवे से क्यों बदला
आपको बता दें की पार्षदों की जीत के बाद लगातार नाम दीप्ति भानू दुवे का अध्यक्ष पद के लिए सामने आ रहा था वहीं लगातार इस नाम के कारण सरोज रामजी व्यास को उपाध्यक्ष पद का दाबेदार माना जा रहा था, लेकिन दीप्ति भानू दुवे के अध्यक्ष के दाबेदारी के चलते सरोज रामजी व्यास मानने को तैयार नहीं थे
कल रात को जो हुआ वही आज हुआ
लगातार अध्यक्ष पद के लिए दीप्ति भानू दुवे के अलावा सरोज रामजी व्यास भी हठ पर अड़े हुए थे, दोनों भारतीय जनता पार्टी से हैं, और भाजपा में ही दो गुट बन गए थे, आपको बता दें की दीप्ति भानू दुवे मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के खासमखास माने जाते हैं वहीं सरोज रामजी व्यास नरेंद्र सिंह तोमर के गुट के हैं, और अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को बदलने के बाद सरोज रामजी व्यास उपाध्यक्ष के लिए माने.
निर्विरोध चुनी गई बीजेपी से गायत्री शर्मा
आपको बता दें की गायत्री शर्मा का आज सुबह ही मेंडेट जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने अध्यक्ष पद के लिए जारी किया था जिसके बाद गायत्री शर्मा ने अध्यक्ष अपना नामांकन दाखिल किया था, लास्ट के 10 मिनिट तक एक ही फॉर्म डाला गया था लेकिन अंत के 10 मिनिट में कांग्रेस से शशि आशीष शर्मा ने अपना नामांकन दाखिल किया था, इसके बाद चुनाव विरोध बाला हो गया, लेकिन नामांकन वापसी के अंत के 5 मिनिट में कांग्रेस से शशि आशीष शर्मा ने अपना नामांकन वापस ले लिया.
कांग्रेस से शशि आशीष शर्मा ने मिडिया से कहा नहीं होगा नामांकन वापसी
आपको बता दें की कांग्रेस से शशि आशीष शर्मा ने जब अपना अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा उसके बाद जब शशि शर्मा ने मिडिया से बातचीत की तो उन्होंने पत्रकारों को बताया की वो अपना नामांकन वापस नहीं लेंगी, लेकिन विश्वनीय सूत्रों की माने तो अंत के 5 मिनिट में कांग्रेस से शशि आशीष शर्मा ने अपना नामांकन वापस ले लिया. इसके बाद बीजेपी से गायत्री शर्मा निर्विरोध अध्यक्ष चुनी गई.
नामांकन से पहले गले मिले भानू दुवे और रामजी व्यास
आपको बता दें कि आज नगर पालिका अध्यक्ष उपाध्यक्ष के नामांकन से पहले अध्यक्ष पद की दावेदारी पेश कर रहे दीप्ति भानु दुबे और सरोज राम जी व्यास दोनों ही कॉलेज के परिसर में मिले और भावुक होते हुए गले मिल पड़े जैसे कि राम भरत मिलाप हुआ हो बताना होगा कि दोनों ही अध्यक्ष की दौड़ में थे लेकिन अध्यक्ष पद गायत्री शर्मा को दे दिया गया वहीं उपाध्यक्ष सरोज राम जी व्यास को बनाया गया है दोनों ने एकांत में जाकर कई मिंटो तक बात भी की.
अध्यक्ष बनने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए गायत्री शर्मा ना केवल भावुक नजर आईं बल्कि उन्होंने शहर की जनता, नगर पालिका के पार्षद और अपनी नेता यशोधरा राजे सिंधिया के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि वह क्षेत्र की जनता के लिए सड़कों पर रहकर कंधे से कंधा मिलाकर सदैव काम करती रहेंगी। बल्कि वह अपनी नेता श्रीमती राजे के साथ जनसेवा के कार्य में अपना योगदान देते हुए सदैव उनके साथ रहूंगी।






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