शिवपुरी। नरवर तहसील के ग्राम अमरपुर में शासकीय पट्टे की भूमि को लेकर चल रहे विवाद में कलेक्टर न्यायालय, शिवपुरी ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। न्यायालय ने सर्वे क्रमांक 448/1 एवं 462/5 की विवादित भूमि के विक्रय को मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 के प्रावधानों के विपरीत पाया है। इसके बाद भूमि को शासन के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने और संबंधित कब्जाधारियों को बेदखल करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
प्रकरण के अनुसार, ग्राम अमरपुर स्थित संबंधित भूमि को लेकर विवाद सामने आया था। आवेदक पक्ष का कहना था कि यह भूमि उनके पूर्वज को शासकीय पट्टे के रूप में आवंटित की गई थी। आरोप था कि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना 20 अप्रैल 2006 को भूमि का पंजीकृत विक्रय कर दिया गया। इस मामले में विक्रय-पत्र को शून्य घोषित करने और भूमि का कब्जा वापस दिलाने की मांग की गई थी।
मामले की सुनवाई और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद कलेक्टर न्यायालय ने संबंधित भूमि के अंतरण को वैधानिक प्रावधानों के विपरीत पाया। आदेश के अनुसार, विवादित भूमि को शासन के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने की कार्रवाई की जानी है।
कलेक्टर न्यायालय ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत कब्जाधारियों को बेदखल करने और भूमि को शासन के पक्ष में सुरक्षित करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, की गई कार्रवाई का अनुपालन प्रतिवेदन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है।
अमरपुर का यह मामला शासकीय पट्टे पर आवंटित भूमि के हस्तांतरण से जुड़े नियमों के महत्व को सामने लाता है। अब आदेश के अनुरूप राजस्व विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।






