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हनुमान मंदिर के सामने से कब्रिस्तान हटाने की मांग, नवरात्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विहिप-बजरंग दल ने सौंपा ज्ञापन / Shivpuri News

शिवपुरी बैराड़ नगर में हनुमान कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर के सामने और शासकीय तालाब के डूब क्षेत्र में कब्रिस्तान के लिए आवंटित भूमि को निरस्त कर अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग उठी है। इस संबंध में गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार दृगपाल सिंह एवं थाना प्रभारी सुरेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने आगामी श्रीनवदुर्गा महोत्सव के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने की मांग भी की।

ज्ञापन सौंपने से पहले आधा सैकड़ा से अधिक कार्यकर्ता ठाकुर बाबा मंदिर पर एकत्रित हुए। यहां से बाइक रैली निकालते हुए सभी तहसील कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन दिया।

विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बताया कि हनुमान कॉलोनी में मंदिर के सामने तथा शासकीय तालाब के डूब क्षेत्र में कब्रिस्तान के लिए भूमि आवंटित की गई है। इस मामले में 21 जून 2022 को भी ज्ञापन दिया गया था। उस समय तत्कालीन प्रशासन ने निर्माण कार्य रुकवा दिया था, लेकिन भूमि को अन्यत्र स्थानांतरित करने का निर्णय नहीं हुआ।

संगठन ने मांग की कि संबंधित भूमि का दोबारा निरीक्षण कराया जाए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जमीन पथरीली होने के कारण शवों को नियमानुसार दफनाने में परेशानी हो सकती है। वहीं, बारिश के दौरान जलभराव से तालाब की स्वच्छता और पर्यावरण प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। संगठन ने धार्मिक आस्था, जनभावनाओं और क्षेत्र की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए भूमि का आवंटन निरस्त कर कब्रिस्तान को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांग पर जल्द निर्णय नहीं होने पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।

बजरंग दल ने 10 से 20 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले श्रीनवदुर्गा महोत्सव को लेकर भी प्रशासन को अलग ज्ञापन सौंपा। इसमें माता रानी के पंडालों, धार्मिक स्थलों और विसर्जन मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई।

ज्ञापन में पंडालों के आसपास अश्लील गीत-संगीत, नशाखोरी, छेड़छाड़ और असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की गई। इसके अलावा धार्मिक आयोजनों के प्रमुख मार्गों और मंदिरों के आसपास मीट-मांस की दुकानों के संचालन तथा खुले में मांस बिक्री पर रोक लगाने की बात कही गई।

संगठन ने गरबा आयोजनों में प्रवेश करने वाले लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार आधार कार्ड सहित अन्य पहचान पत्रों की जांच की व्यवस्था करने की मांग भी रखी। अब इन मांगों पर प्रशासन की कार्रवाई और निर्णय पर नजर रहेगी।