शिवपुरी। माधव टाइगर रिजर्व की सीमा और आसपास सड़कों के किनारे पड़े पुराने जीआरपी पाइप एवं अन्य अपशिष्ट को लेकर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर ने शुक्रवार को वन परिक्षेत्र मध्य माधव टाइगर के कोर एरिया स्थित ग्राम चांद कैंपस और वन रक्षक आवास बीट रायपुर पहुंचकर कचरा हटाने की कार्रवाई का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नगर पालिका और वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जेसीबी, पर्याप्त मशीनरी और डंपर लगाकर पूरे कचरे को तेजी से हटाया जाए। नरवर रोड और अन्य सड़कों के किनारे पड़े जीआरपी पाइप व अपशिष्ट को भी प्राथमिकता से हटाने के निर्देश सीएमओ यशवंत राठौर को दिए गए। जरूरत पड़ने पर एनएचएआई से भी वाहन लेने के निर्देश दिए गए।
बताया गया कि सिंध जलावर्धन योजना के तहत मड़ीखेड़ा बांध से शिवपुरी तक बिछाई गई जीआरपी पाइपलाइन में लीकेज की समस्या के बाद पुरानी पाइपलाइन के स्थान पर डीआई पाइपलाइन बिछाई गई थी। पुरानी जीआरपी पाइपलाइन का कचरा टाइगर रिजर्व क्षेत्र, सड़क किनारे और कृषि क्षेत्रों में पड़ा था। गैर-जैव अपघटनीय कचरे को वन क्षेत्र से हटाना पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कलेक्टर के निर्देश पर जिला प्रशासन, नगर पालिका और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कचरे को एकत्र कर बड़ौदी स्थित अधिकृत डंपिंग स्थल पर भेजा जाएगा। कलेक्टर ने कार्य की प्रतिदिन समीक्षा करने और निर्धारित समय-सीमा में पूरा कचरा हटाने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा, माधव नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर हरिओम, जिला पंचायत सीईओ विजय राज, एसडीएम आनंद राजावत और सीएमओ यशवंत राठौर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।







