शिवपुरी। जिले की करैरा तहसील के अमोला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत थरखेड़ा के आदिवासी परिवारों ने पट्टा भूमि पर खड़ी फसल उजाड़ने, बेदखल करने और झोपड़ियां तोड़े जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ितों का कहना है कि वे अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं और वर्षों से शासन द्वारा आवंटित पट्टा भूमि पर खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं। उनके पास पट्टा संबंधी दस्तावेज और भूमि के अभिलेख भी मौजूद हैं।
जानकारी के अनुसार 10 जुलाई 2026 को राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा उनकी पट्टा भूमि पर खड़ी फसल को चार जेसीबी मशीनों और चार ट्रैक्टरों की मदद से उजाड़ दिया गया। साथ ही उनकी झोपड़ियां भी ध्वस्त कर दी गईं और उन्हें जमीन से बेदखल कर दिया गया।
पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध किया और अपने पट्टा दस्तावेज तथा भूमि संबंधी रसीदें अधिकारियों को दिखाईं, तब उनकी बात नहीं सुनी गई। उल्टा पुलिस बल का उपयोग कर उन्हें जेल भेजने की धमकी दी गई।
आदिवासी परिवारों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाए, उन्हें उनकी पट्टा भूमि का कब्जा वापस दिलाया जाए तथा उजाड़ी गई फसल और तोड़ी गई झोपड़ियों का उचित मुआवजा दिलाया जाए।






