शिवपुरी। एक नाबालिग बालिका के परिजनों ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के बाहर सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि बालिका के बरामद होने के बावजूद उन्हें उससे मिलने नहीं दिया जा रहा और न ही उसे उनके सुपुर्द किया जा रहा है। उन्होंने मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर में गंभीर धाराएं जोड़ने की भी मांग की।परिजनों के अनुसार, बालिका के लापता होने पर पहले गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। बाद में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर बालिका को बरामद किया। उनका आरोप है कि पूछताछ के दौरान बालिका ने आरोपी सहित अन्य लोगों पर भी दुष्कर्म के आरोप लगाए थे, लेकिन अब तक अन्य आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।परिजनों का कहना है कि उन्हें बालिका से मिलने या बात करने तक की अनुमति नहीं दी जा रही। उनका आरोप है कि जब वे उसे लेने पहुंचे तो उन्हें वापस भेज दिया गया। इसी के विरोध में उन्होंने एसपी कार्यालय के बाहर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया।वहीं, सीहोर थाना प्रभारी जूली तोमर ने बताया कि मामले में पहले से एफआईआर दर्ज है और एक आरोपी को गिरफ्तार कर दुष्कर्म सहित संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को बालिका की काउंसलिंग कराई गई थी, जिसके बाद परिजनों ने उसे अपने साथ ले जाने से इनकार कर दिया। इसके चलते बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के निर्देश पर बालिका को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। अगली काउंसलिंग के बाद समिति आगे का निर्णय लेगी। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में पुलिस की कोई भूमिका नहीं है।
एसपी कार्यालय के बाहर परिजनों का प्रदर्शन, नाबालिग से मिलने नहीं देने का आरोप / Shivpuri News




