शिवपुरी। जिले में आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत स्वास्थ्य संस्थानों के करीब 400 कर्मचारियों ने कम वेतन मिलने को लेकर कलेक्टर को आवेदन सौंपकर न्याय की मांग की है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें निर्धारित वेतन से लगभग आधी राशि दी जा रही है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये कर्मचारी जिले की विभिन्न तहसीलों—खनियाधाना, पिछोर, कोलारस, शिवपुरी, पोहरी, बैराड़, करैरा एवं नरवर के उप स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल में कामथेन सिक्योरिटी सर्विस, इंदौर के माध्यम से 15 नवंबर 2025 से कार्यरत हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में मात्र 7 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है, जबकि शासन द्वारा निर्धारित दर 475 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से लगभग 14,250 रुपये प्रतिमाह कंपनी को मिलते हैं। इस तरह कर्मचारियों को निर्धारित वेतन का 50 प्रतिशत से भी कम भुगतान किया जा रहा है।
इसके अलावा कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाओं का लाभ भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अन्य जिलों में इसी कार्य के लिए कर्मचारियों को पूरा वेतन मिल रहा है, लेकिन शिवपुरी में भेदभाव किया जा रहा है।
कर्मचारियों ने आवेदन के साथ वेतन संबंधी स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए हैं और कलेक्टर से मांग की है कि उन्हें शासन के नियमानुसार पूरा वेतन दिलाया जाए तथा संबंधित कंपनी कामथेन सिक्योरिटी सर्विस, इंदौर के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाए।
कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में इतने कम वेतन में परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।







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