शिवपुरी। जिले के कोलारस तहसील अंतर्गत ग्राम आनंदपुर में रहने वाले 42 वर्षीय आशाराम प्रजापति इन दिनों अपनी कठोर और अनोखी साधना को लेकर चर्चा में हैं। वे अपने सिर, हाथ और पैरों पर जवारे रखकर माता रानी की भक्ति में लीन हैं।
बताया जाता है कि आशाराम पूरे दिन बिना अन्न और पानी के रहकर साधना करते हैं और केवल एक लौंग के सहारे दिनभर बिताते हैं। साधना के दौरान वे दैनिक क्रियाओं से भी विरत रहते हैं, जिससे उनकी तपस्या और भी कठिन मानी जा रही है।
आर्थिक रूप से साधारण परिवार से जुड़े आशाराम के परिवार में 7 बच्चे हैं, जिनमें 6 बेटियां और 1 बेटा शामिल है। परिवार का गुजारा 3 बीघा कृषि भूमि पर होता है, इसके बावजूद वे वर्षभर माता भक्ति में समर्पित रहते हैं।
ग्रामीण मुकेश रघुवंशी के अनुसार आशाराम की तपस्या अद्भुत है, वहीं पंडित कालूराम भार्गव इसे गहरी आस्था का प्रतीक मानते हैं।
स्वयं आशाराम प्रजापति का कहना है कि वे माता रानी की कृपा से यह साधना कर पा रहे हैं और उनका उद्देश्य समाज में भक्ति और श्रद्धा का संदेश देना है।
ग्राम आनंदपुर में उनकी यह साधना आस्था और विश्वास की मिसाल बनकर लोगों को धार्मिक भावना से जोड़ रही है।







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