शिवपुरी। प्रशासनिक लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कर्मचारी 25 साल से नौकरी बहाली के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
रन्नौद निवासी अशोक कुमार ने कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन देकर बताया कि वह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रन्नौद में 17 फरवरी 1990 से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में कार्यरत था, लेकिन 25 नवंबर 1999 को बिना किसी कारण के उसे हटा दिया गया।
पीड़ित का कहना है कि उसने कई बार अधिकारियों को आवेदन दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यहां तक कि मामला मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ग्वालियर खंडपीठ तक पहुंचा, जहां से आदेश भी पारित हुआ, फिर भी उसे आज तक नौकरी पर वापस नहीं लिया गया।
आर्थिक रूप से कमजोर और भूमिहीन होने के कारण प्रार्थी का परिवार कठिनाई में जीवन यापन कर रहा है।
कलेक्टर से की गई शिकायत में अशोक कुमार ने मांग की है कि उसे विद्यालय में रिक्त पद पर संविदा के आधार पर नियुक्ति दी जाए, ताकि वह अपने परिवार का भरण-पोषण कर सके।







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