शिवपुरी। जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के ग्राम डोंगरपुर की रहने वाली रंगो आदिवासी ने अपने पुत्र और पुत्रवधू को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराने तथा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आवेदन सौंपा है। महिला ने आरोप लगाया है कि उसके बेटे और गर्भवती बहू को पिछले दो वर्षों से जबरन बंधुआ बनाकर रखा गया है।
करीब दो वर्ष पूर्व ग्राम काशीपुर, भितरवार-डबरा निवासी दौलतसिंह रावत उनके ननदोई के साथ आया था और काम के बदले पैसे देने की बात कही थी। महिला के अनुसार उस समय मिली रकम से उसके पुत्र प्रताप आदिवासी की शादी कराई गई। बाद में शादी के दौरान हुए विवाद और चोटों के इलाज के लिए परिवार ने उधार भी लिया था।
महिला का आरोप है कि कर्ज चुकाने के बाद भी दौलतसिंह रावत अपने साथ अन्य लोगों को लेकर आया और उसके पुत्र प्रताप आदिवासी तथा पुत्रवधू रिसा को जबरन वाहन में बैठाकर ले गया। इसके बाद से दोनों को बंधुआ मजदूर बनाकर काम कराया जा रहा है।
रंगो आदिवासी ने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि उसकी बहू रिसा गर्भवती है, इसके बावजूद उससे कठिन श्रम कराया जा रहा है और मारपीट की जाती है। परिवार जब भी उन्हें वापस लाने की कोशिश करता है तो आरोपी पक्ष 3 लाख रुपए की मांग करता है और जान से मारने की धमकी देता है।
फरियादिया ने प्रशासन से मांग की है कि उसके पुत्र और गर्भवती बहू को तत्काल मुक्त कराया जाए, आरोपी दौलतसिंह रावत एवं उसके साथियों के खिलाफ बंधुआ मजदूरी अधिनियम और एससी-एसटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए तथा परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।







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