शिवपुरी। हिंदू देवी-देवताओं के अपमान, धार्मिक ग्रंथ मनुस्मृति जलाए जाने की घटना तथा नरवर में यूजीसी आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर को लेकर संगठन ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए दोनों मामलों में त्वरित और न्यायसंगत कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले कुछ समय से हिंदू देवी-देवताओं के अपमान की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे हिंदू समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं।
साथ ही कुछ माह पूर्व शिवपुरी जिले की खनियाधाना तहसील में मनुस्मृति जैसे धार्मिक ग्रंथ को जलाए जाने की घटना का भी उल्लेख किया गया है। संगठन का कहना है कि इस मामले में 1 जनवरी 2026 को रक्षक मोर्चा द्वारा ग्वालियर में आईजी ग्वालियर संभाग को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजय मूले द्वारा संगठन पदाधिकारियों के बयान भी दर्ज किए गए थे और पदाधिकारियों ने वीडियो व अन्य सबूत भी पुलिस को सौंपे थे। इसके बावजूद अब तक थाना खनियाधाना में मामला दर्ज नहीं किया गया है। संगठन ने मांग की है कि इस प्रकरण में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
ज्ञापन में कहा गया है कि फरवरी माह में नरवर में यूजीसी के काले कानून के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान गलत तरीके से एफआईआर दर्ज की गई। आरोप है कि कई ऐसे लोगों के नाम भी मामले में जोड़ दिए गए, जो घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे। संगठन का कहना है कि इस संबंध में पहले भी प्रशासन को आवेदन दिया गया था, तब जांच और न्यायसंगत कार्रवाई का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक कोई जांच नहीं हुई। ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर गलत एफआईआर को निरस्त कराया जाए।
राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोनों मामलों में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो उसे विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।







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